CCTV भी फेल! गड़चिरोली में 'तीसरी आंख' के सामने नकल का खेल, नागपुर-चंद्रपुर के छात्र भी शामिल, 3 टीचर सस्पेंड

Gadchiroli Board Exam Cheating: गड़चिरोली में बोर्ड परीक्षाओं में नकल का बड़ा खेल। सीसीटीवी के बावजूद 'गारंटी से पास' होने का लालच। नागपुर-चंद्रपुर के छात्र पहुंचे दुर्गम क्षेत्र।
Mass cheating scandal in Gadchiroli 10th & 12th board exams. Students from Nagpur & Chandrapur flock to centers for "guaranteed pass". 3 teachers suspended.
कॉलेज में नकल (सौजन्य-नवभारत)
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10th 12th Board Exams Maharashtra: राज्य में कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं जारी हैं, लेकिन गडचिरोली जिले के कुछ परीक्षा केंद्रों पर खुलेआम नकल होने के आरोप सामने आ रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताओं को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, फिर भी “तीसरी आंख” की मौजूदगी में नकल का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।

हाल ही में चामोर्शी स्थित एक महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर शिक्षा अधिकारियों की छापेमारी में शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों को नकल सामग्री उपलब्ध कराए जाने का मामला सामने आया। इस प्रकरण में 3 शिक्षकों को निलंबित किया गया है। वहीं एटापल्ली में चार विद्यार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया। इन घटनाओं ने जिले की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हर वर्ष घोषित होने वाले परीक्षा परिणामों में शहरों की नामांकित स्कूलों की तुलना में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों का प्रतिशत अधिक दिखाई देता है। कई ग्रामीण स्कूलों में गणित तथा अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों के नियमित शिक्षक भी उपलब्ध नहीं हैं, फिर भी परिणाम शत-प्रतिशत के करीब आते हैं।

दूसरी ओर, शहरों में अनुभवी शिक्षक, कोचिंग संस्थान और सभी सुविधाएं होने के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाती। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस विसंगति के पीछे परीक्षा केंद्रों पर होनेवाले कथित गैरप्रकार प्रमुख कारण हो सकते हैं।

शिक्षा विभाग की भूमिका पर प्रश्न

परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए उड़नदस्ता, सीसीटीवी निगरानी तथा बाहरी निरीक्षकों की नियुक्ति जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके बावजूद यदि अनियमितताएं जारी हैं तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। आरोप यह भी है कि कुछ केंद्रों पर अधिकारियों की विशेष “खातिरदारी” कर नियमों में ढील दी जाती है।

कड़े कदम उठाने की मांग

स्थिति को देखते हुए उपायों की मांग की जा रही है, अन्य जिलों से आने वाले छात्रों के प्रवेश की विशेष जांच, परीक्षा केंद्रों पर अचानक निरीक्षण तथा स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था, सीसीटीवी फुटेज की जिला स्तर पर निरंतर समीक्षा, दोषी शिक्षकों व संस्थाओं के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की जा रही है।

शिक्षा की गुणवत्ता पर खतरा

नकल के जरिए बढ़ाई गई सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित रहती है, लेकिन इससे शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ईमानदारी से परीक्षा देनेवाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय होता है और पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। गड़चिरोली जिले के उत्कृष्ट परिणाम वास्तविक परिश्रम का परिणाम हैं यह परीक्षा केंद्रों पर हो रही ढिलाई का, इसकी निष्पक्ष और गहन जांच समय की मांग है। अन्यथा “गारंटी से पास” की छवि जिले की पहचान बन सकती है।

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