देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Sanitation Workers Housing Scheme: मुंबई की सड़कों को स्वच्छ रखने वाले महानगरपालिका के सफाई कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है।
लंबे समय से लंबित आवास की मांग को लेकर अब सरकार ने सकारात्मक कदम उठाया है, जिससे हजारों परिवारों को स्थायी घर मिलने की उम्मीद जगी है।
म्युनिसिपल मजदूर यूनियन ने आंदोलन की चेतावनी दी थी, लेकिन उससे पहले ही विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे की मध्यस्थता में यूनियन प्रतिनिधियों की मुलाकात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हुई। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई और समाधान निकाला गया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य आवास योजना’ के तहत मुंबई में बनने वाले 12,200 घरों में से 50 प्रतिशत मकान सफाई कर्मचारियों को स्वामित्व के आधार पर दिए जाएंगे। यह निर्णय 2008 और 2015 के सरकारी आदेशों को लागू करते हुए लिया गया है।
इस फैसले से करीब 30,000 से अधिक सफाई कर्मचारी परिवारों को स्थायी आवास मिलने का रास्ता साफ हो गया है। वर्षों से किराए या अस्थायी व्यवस्था में रहने वाले इन परिवारों को अब अपने घर का सपना पूरा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल आश्वासन नहीं है, बल्कि चालू विधानमंडल सत्र में ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। बैठक में यूनियन अध्यक्ष अशोक जाधव, वामन कविस्कर और हिंदुराव जाधव सहित अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें :- मुंबई में LPG की किल्लत से क्लाउड किचन बंद, टिफिन कारोबार पर संकट, मछुआरे भी परेशान
यह निर्णय न केवल कर्मचारियों को आवास प्रदान करेगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब मुंबई को साफ रखने वाले हाथों को अपने घर की चाबी मिलने की उम्मीद मजबूत हो गई है।