वसई-विरार में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, चार महीनों में 15 हजार से ज्यादा डॉग बाइट मामले
Vasai Virar Dog Bite Cases Rise News: वसई-विरार में आवारा कुत्तों का आतंक गंभीर समस्या बन गया है। चार महीनों में 15,348 डॉग बाइट के मामले सामने आने के बाद मनपा की नसबंदी योजना पर सवाल उठने लगे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Vasai Virar Dog Bite Cases Rise: वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन द्वारा पिछले पांच वर्षों में कुत्तों की नसबंदी पर 4.46 करोड़ खर्च के दावों की हवा निकल गई है।
ताजा सरकारी आंकड़ों ने मनपा की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जनवरी से अप्रैल 2026 के महज चार महीनों के भीतर शहर में 15,348 डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए हैं।
करोड़ों रुपए खर्च, फिर भी सड़कों पर ‘खौफ
मनपा प्रशासन का दावा है कि पिछले 5 साल में 28,666 कुत्तों की नसबंदी की गई और 44,407 का टीकाकरण हुआ, लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि नसबंदी और टीकाकरण इतने बड़े पैमाने पर हुआ है, तो कुत्तों की संख्या और उनके आक्रामक व्यवहार में कमी क्यों नहीं आई?
सम्बंधित ख़बरें
Vastu Tips: झाड़ू से जुड़ी इन 5 गलतियों से हो सकती है आपके घर की लक्ष्मी नाराज, जानिए वास्तु के नियम
Indian Wedding Tradition: दूल्हा शादी में सफेद घोड़ी पर ही क्यों बैठता है? जानिए इसके पीछे की मान्यता
गायत्री जयंती 2026: माता गायत्री को प्रसन्न करने के लिए करें ये 5 शुभ उपाय, घर में आएगी सुख-शांति
DIY Skincare: घर पर स्किन केयर करते समय होने वाली 5 बड़ी गलतियां, जो अनजाने में पहुंचा सकती हैं नुकसान
दो महीने पहले नालासोपारा में रेबीज के कारण एक 9 वर्षीय मासूम की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद भी प्रशासन की सुस्ती ने स्थानीय निवासियों के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। 30 अप्रैल को मनपा मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में नागरिकों और पशुप्रेमियों ने प्रशासन को जमकर आड़े हाथों लिया।
हम न्यायालय के के दिशा-निर्देशों के दायरे में रहकर इस समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नागरिकों की मांगों और शिकायतों पर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
– मार्शल लोपीस, उपमहापौर
ये भी पढ़ें :- मीरा-भाईंदर में एसएससी परीक्षा का शानदार रिजल्ट, छात्राओं ने फिर मारी बाजी
नसबंदी सिर्फ कागजों पर हो रही, उठे सवाल
- लोगों ने संदेह जताया कि नसबंदी सिर्फ कागजों पर हो रही है। क्या वास्तव में पकड़े गए कुत्तों का ऑपरेशन किया जाता है।
- वर्तमान में नवघर (वसई) और कशिद कोपर (विरार) में केवल दो केंद्र कार्यरत हैं, जिनकी कुल क्षमता महज 340 है।
- 4.46 करोड़ खर्च होने के बाद भी नतीजा सिफर रहने पर वित्तीय जांच की मांग उठी है।
- बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए मनपा प्रशासन अब डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। प्रशासन ने नए नसबंदी केंद्र खोलने के लिए नई निविदाएं जारी की हैं।
