Ritu Tawde Mumbai Mayor Malad Action (फोटो क्रेडिट-X)
Ritu Tawde Malad Action: मुंबई की नवनियुक्त मेयर रितु तावड़े ने पदभार संभालते ही शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक आक्रामक अभियान छेड़ दिया है। मंगलवार को मेयर के नेतृत्व में बीएमसी (BMC) की टीम ने मलाड इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहाँ लंबे समय से अवैध रूप से बसी उन झोपड़ियों को जमींदोज कर दिया गया, जिनमें बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के होने की पुख्ता जानकारी मिली थी। रितु तावड़े की इस ‘बुलडोजर कार्रवाई’ ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि मुंबई की सुरक्षा और संसाधनों पर अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मलाड के मालवणी और आसपास के संवेदनशील इलाकों में यह ऑपरेशन सुबह तड़के शुरू हुआ। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बीएमसी के दस्ते ने दर्जनों अवैध निर्माणों को हटा दिया। मेयर रितु तावड़े ने खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा लिया। इस कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर विरोध की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण अतिक्रमण हटाने का काम निर्बाध रूप से जारी रहा। मेयर की इस त्वरित कार्रवाई की जहाँ कुछ तबके सराहना कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।
मेयर रितु तावड़े ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुंबई के विभिन्न हिस्सों में अवैध माइग्रेंट्स की बढ़ती संख्या न केवल शहर की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि स्थानीय निवासियों के हक पर भी डाका डाल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मलाड की यह कार्रवाई तो बस एक शुरुआत है। नगर निगम का डेटा बताता है कि अवैध रूप से रह रहे इन प्रवासियों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है और वे बिजली-पानी जैसी सुविधाओं का गैर-कानूनी इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रशासन अब शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसे अवैध ठिकानों की सूची तैयार कर रहा है।
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बीएमसी सूत्रों के अनुसार, इस अभियान में केवल निर्माण हटाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि पुलिस के साथ मिलकर उन लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा रहा है जो इन बस्तियों में रह रहे थे। जांच में पाया गया कि कई लोगों के पास संदिग्ध आधार कार्ड और पहचान पत्र हैं। पुलिस विभाग अब उन बिचौलियों की भी तलाश कर रहा है जो इन अवैध प्रवासियों को शरण देने और उनके फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद करते हैं। मेयर ने कहा कि मुंबई की ‘डेमोग्राफी’ से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों जैसे मानखुर्द, गोवंडी और कुर्ला में भी खलबली मच गई है। बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने वार्ड में मौजूद ऐसी बस्तियों की पहचान करें जहाँ अवैध प्रवासियों की संख्या अधिक है। रितु तावड़े के इस कड़े रुख ने यह साफ कर दिया है कि उनके कार्यकाल में ‘अवैध घुसपैठ’ एक प्रमुख मुद्दा रहने वाला है। विपक्षी दलों ने इस पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है, लेकिन आम जनता के बीच सुरक्षा के लिहाज से इसे एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है।