प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में बीएमसी का दोहरा रवैया? निजी डिफॉल्टरों पर सख्ती, सरकारी बकायों पर नरमी
BMC Property Tax: मुंबई में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को लेकर बीएमसी पर दोहरा रवैया अपनाने के आरोप लग रहे हैं। निजी डिफॉल्टरों पर जब्ती-नीलामी की कार्रवाई हो रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Property Tax: प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्ति कर) वसूली के मामले में बीएमसी का रवैया दोहरा नजर आ रहा है। जहां निजी संस्थानों और व्यक्तियों से टैक्स वसूलने के लिए जब्ती और नीलामी जैसे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं सरकारी विभागों के हजारों करोड़ के बकाये पर कार्रवाई सिर्फ कागजी पत्राचार तक सिमटी हुई है।
बीएमसी ने 20 बड़े निजी डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें ऐसे बकायेदार भी शामिल हैं, जिन पर 63 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है।
महानगरपालिका अधिनियम की धारा 203 के तहत जारी इन नोटिसों में स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा में भुगतान न होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी। इसके तहत पहले संपत्ति में मौजूद सामान जब्त कर नीलाम किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर संपत्ति की नीलामी तक की जाएगी।
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संपत्ति बिल जारी होने के 90 दिनों में भुगतान अनिवार्य
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान बिल जारी होने के 90 दिनों के भीतर अनिवार्य है। देरी होने पर पहले डिमांड नोटिस, फिर 21 दिन की अंतिम चेतावनी और उसके बाद जब्ती की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
आयुक्त भूषण गगरानी के मार्गदर्शन और अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ। अश्विनी जोशी के नेतृत्व में वसूली अभियान को तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का साफ संदेश है कि भुगतान करने की क्षमता रखने वालों को किसी भी सूरत में राहत नहीं दी जाएगी।
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सरकारी संस्थाओं पर 3,283 करोड़ रुपए बिल बकाया
इसके उलट, सरकारी संस्थाओं पर कुल 3,283 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स अब भी लंबित है। 2024-25 के बजट में बीएमसी ने प्रॉपर्टी टैक्स से 7,400 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन सरकारी बकायों की वजह से इस लक्ष्य के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विभागों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के अधिकार सीमित है, इसलिए वे केवल भुगतान के लिए अनुरोध पत्र भेज सकते हैं।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए ब्रिजेश पाठक की रिपोर्ट
