
मुंबई लोकल ट्रेन (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Local Trains Camera Installation: मुंबई की लोकल ट्रेनों में अब मोटरमैन केबिन के अंदर 2 मेगापिक्सल क्षमता वाले फ्रंट कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह कैमरे ‘क्रू वॉयस एंड वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम’ (सीवीवीआरएस) का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य ट्रैक पर होने वाली हर छोटी-बड़ी घटना का वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड रखना है।
पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे दोनों ने अपने-अपने कारशेड में इस सिस्टम की इंस्टॉलेशन शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 1920×1080 रिजॉल्यूशन वाले ये 2 MP कैमरे दिन के समय बेहतर रिकॉर्डिंग देते हैं, लेकिन बारिश, कोहरा या रात में इन कैमरों की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
एक अधिकारी ने बताया कि रात या बरसात में विजुअल उतने साफ नहीं मिलेंगे। यह सिस्टम केवल रिकॉर्डिंग करेगा, कोई लाइव फीड उपलब्ध नहीं रहेगी। हालांकि इंजीनियरिंग विभाग के एक हिस्से का मानना है कि 2 MP कैमरे भी पर्याप्त हैं क्योंकि सीसीटीवी कैमरों की लेंस क्वालिटी और सेंसर, मोबाइल फोन के उच्च मेगापिक्सल कैमरों से कहीं बेहतर होते हैं। रेलवे इन कैमरों में ‘डी-मिस्ट’ फीचर जोड़ने पर भी विचार कर रहा है ताकि धुंध या नमी के दौरान भी साफ रिकॉर्डिंग मिल सके।
ये कैमरे इनफ्रारेड आउटडोर तकनीक से लैस हैं और 25 फ्रेम प्रति सेकंड तक रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। इनमें लाइटनिंग प्रोटेक्शन और हाई-वोल्टेज सेफ्टी भी दी गई है, ताकि खराब मौसम में भी सिस्टम कार्यरत रहे, मध्य रेलवे ने अब तक 322 मोटर केबिनों में से 151 में सीवीवीआरएस इंस्टॉल कर दिया है।
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पश्चिम रेलवे ने 224 में से 61 मोटर केबिनों में यह सिस्टम लगाया है। हर लोकल ट्रेन में दो मोटर केबिन होते हैं। एक आगे मोटरमैन के लिए और दूसरा पीछे ट्रेन मैनेजर के लिए सभी केबिनों में सिस्टम इंस्टॉलेशन अगले वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
हर सीवीवीआरएस किट में 6 कैमरे और एक ऑडियो रिकॉर्डिंग यूनिट होती है। दो कैमरे आगे की ट्रैक पर नजर रखते हैं, 2 कैमरे मोटरमैन व ट्रेन मैनेजर के केबिन को रिकॉर्ड करते हैं। 2 अन्य 180-डिग्री कैमरे ट्रेन के दोनों और के ट्रैक का वीडियो लेते हैं। ट्रैक और कृ की गतिविधियों की पूरी मॉनिटरिंग करता रहेगा।






