मुंबई: भाभा अस्पताल की घटना पर उबाल; इमरजेंसी वार्ड से आईसीयू तक डॉक्टरों में डर का माहौल
Mumbai Crime News: कुर्ला के भाभा अस्पताल में डॉक्टरों पर हुए हिंसक हमले के विरोध में एमएसआरडीए ने नाराजगी जताई है। संगठन ने राज्य सरकार से सख्त 'हॉस्पिटल सिक्योरिटी पॉलिसी' की मांग की है।
- Written By: रूपम सिंह
भाभा अस्पताल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Mumbai Bhabha Hospital Kurla: कुर्ला के केबी भाभा अस्पताल में हुई हिंसक घटना ने एक बार फिर महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पतालों के अत्यंत संवेदनशील विभागों में दिन-रात मरीजों की जान बचाने में जुटे रेजिडेंट डॉक्टर अब खुद डर और असुरक्षा के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। साथ ही उनमें गहरी चिंता और मानसिक तनाव पैदा हो गया है।
इस गंभीर परिस्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र स्टेट रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक समान और सख्त हॉस्पिटल सिक्योरिटी पॉलिसी लागू करने की मांग उठाई है। मुंबई के कुर्ला स्थित भाभा अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों पर हुए हिंसक हमले को लेकर एसोसिएशन ने राज्य सरकार के समक्ष
बढ़ते हमलों से मेडिकल स्टाफ में असुरक्षा का माहौल
कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एमएसआरडीए ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री को भेजी गई शिकायत में कहा कि आपातकालीन सेवा के दौरान ड्यूटी कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ मृतक महिला के परिजनों और अन्य लोगों ने मारपीट, धक्का-मुक्की और धमकी जैसी गंभीर घटनाएं कीं। संगठन के अनुसार इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम, आईसीयू और कैजुअल्टी विभागों में कार्यरत डॉक्टर लगातार अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव में काम करते हैं, जहां गंभीर मरीजों में
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एमएसआरडीए ने राज्यव्यापी हॉस्पिटल सिक्योरिटी पॉलिसी की उठाई मांग
प्रतिकूल परिणाम की संभावना हमेशा बनी रहती है। इसके बावजूद स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं केवल भाभा अस्पताल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महाराष्ट्र के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों, महानगरपालिका अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी लगातार सामने आ रही हैं। इससे राज्यभर के रेजिडेंट डॉक्टरों में भय, असुरक्षा और मानसिक तनाव का माहौल बन गया है।
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संगठन ने समय पर कार्रवाई नहीं करने पर जताई चिंता
संगठन ने अस्पतालों में कमजोर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्तर पर समय पर कार्रवाई न होने पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने मांग की है कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता तथा महाराष्ट्र मेडिकेयर सेवा व्यक्ति एवं मेडिकेयर सेवा संस्थान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए,
नियुक्त करें सुरक्षाकर्मी
एमएसआरडीए ने सभी सरकारी और मनपा अस्पतालों में स्थायी प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति, पैनिक अलार्म सिस्टम, एक्सेस कंट्रोल, आगंतुक नियंत्रण व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी सीसीटीवी निगरानी लागू करने की मांग की है। अस्पतालों में हिसा की स्थिति में तत्काल पुलिस हस्तक्षेप सुनिश्चित करने के लिए त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है।
घटना की हो रही कड़ी निंदा
ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन फेडरेशन ने भाभा अस्पताल के डॉक्टरों के साथ हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की है।संगठन ने मांग की है कि पीड़ित डॉक्टरों को कानूनी और मनोवैज्ञानिक -सहायता, सुरक्षा चूक पर प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और पूरे महाराष्ट्र में एक समान हॉस्पिटल सिक्योरिटी पॉलिसी की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। डॉक्टरों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता।
-डॉ. अक्षय नालाबले रेड्डी, अध्यक्ष एमएसआरडीए
