पालकी मार्ग की बदहाली पर भड़के नितिन गडकरी, ठेकेदारों का पेमेंट रोका, ब्लैकलिस्ट करने की दी चेतावनी
Palkhi Mahamarg Pune: संत तुकाराम महाराज पालकी महामार्ग के निरीक्षण के दौरान घटिया निर्माण देख केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भड़क गए। उन्होंने ठेकेदारों का भुगतान रोकने व ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए।
- Written By: आकाश मसने
संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग का जायजा लेते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nitin Gadkari Stops Contractor Payment: लाखों वारकरियों की आस्था, परंपरा और पवित्र भावनाओं से जुड़े संत तुकाराम महाराज पालकी महामार्ग (NH-965G) के निर्माण कार्यों की बदहाली को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
नितिन गडकरी ने दिया ठेकेदारों के भुगतान रोकने का आदेश
पुणे में पालकी मार्ग के प्रत्यक्ष निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को कई स्थानों पर घटिया स्तर का निर्माण कार्य, उखड़ी हुई डामर की परतें, धंसे हुए सड़क के हिस्से और अधूरे पड़े काम दिखाई दिए। इस बदहाली को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए कि जब तक काम में सुधार नहीं होता, तब तक दोषी ठेकेदारों के सभी तरह के भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिए जाएं।
क्या है पालखी महामार्ग
संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग आषाढ़ीवारी के दौरान पंढरपुर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण और जीवन रेखा माना जाने वाला मार्ग है। हर वर्ष हजारों दिंडियां और लाखों वारकरी इसी मार्ग से पैदल चलकर भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए प्रस्थान करते हैं। संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग पाटस से पंढ़रपुर तक 130 किमी हाइवे है जो पुणे और सोलापुर जिले को जोड़ता है। इसकी कुल लागत 4416 करोड़ रुपए है। यह तीन पैकेज में बनाया जा रहा है। पाटस से बारामती सेक्शन पूरा हो चुका है। बारामती से इंदापुर 84 प्रतिशत और इंदापुर से तोंडले 96 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
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🗓️ 15 मई 2026 संक्षेप! #NitinGadkariUpdates pic.twitter.com/0OExsaTisv — Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) May 15, 2026
दावे और हकीकत में भारी अंतर
संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग से आषाढ़ीवारी के दौरान हर वर्ष हजारों दिंडियां और लाखों वारकरी इसी मार्ग से पैदल चलकर भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए प्रस्थान करते हैं। इसलिए इस मार्ग का सुरक्षित, सुगम और उच्च गुणवत्ता वाला होना अनिवार्य है, लेकिन कागजों पर प्रशासन की ओर से पुणे-पंढरपुर पालकी मार्ग का लगभग 80% कार्य पूर्ण होने का बड़ा दावा किया जा रहा था, लेकिन जमीनी हकीकत निरीक्षण के दौरान बिल्कुल उलट और चिंताजनक दिखाई दी।
वारकरियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को सख्त फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि विकास और बुनियादी ढांचे के नाम पर वारकरियों की सुरक्षा तथा उनकी सुविधाओं से कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गडकरी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य तय मापदंडों और उच्च गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित ठेकेदारों को एक रुपये का भी भुगतान न किया जाए और जरूरत पड़ने पर ऐसी कंपनियों को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट करने की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए। केंद्रीय मंत्री के इस अचानक और बेहद सख्त रवैये से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और ठेकेदारों के बीच हड़कंप मच गया है।
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24 घंटे निर्माण कार्य पर निगरानी के निर्देश
गडकरी ने एनएचएआई के इंजीनियरों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे खुद साइट पर रहकर चौबीसों घंटे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करें और जहां भी कमियां उजागर हुई हैं, उन्हें युद्ध स्तर पर तत्काल दुरुस्त कराएं, लेकिन आषाढी वारी के पहले की इस दयनीय स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं में समय पर सुरक्षित रास्ता मिलने को लेकर संशय बरकरार है।
कई कार्य अधर में लटके
करीब 4416 करोड रुपये की इस महा-महत्वाकांक्षी परियोजना में हो रही देरी और निर्माण की खराब गुणवत्ता को लेकर स्थानीय नागरिकों और वारकरी संप्रदाय द्वारा पहले से ही लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। अब खुद केंद्रीय मंत्री के दौरे और उनकी फटकार के बाद इन सभी तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही पर एक तरह से आधिकारिक मुहर लग गई है। आषाढी वारी की शुरुआत में अब कुछ ही सप्ताह का समय शेष रह गया है।
– पुणे से नवभारत लाइव के लिए आकाश ढुमे पाटिल की रिपोर्ट
