Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

डिजिटल गोल्ड निवेश अब होगा सुरक्षित! फ्रॉड रोकने के लिए बना नया SRO; जानें निवेशकों को क्या होगा फायदा

Digital Gold SRO: भारत के डिजिटल गोल्ड सेक्टर को सुरक्षित बनाने के लिए 'DPMACI' नामक संगठन का गठन किया गया है, जो स्वतंत्र ऑडिट और कस्टडी मॉडल से निवेशकों का भरोसा और पारदर्शिता बढ़ाएगा।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: May 16, 2026 | 11:45 AM

प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)

Follow Us
Close
Follow Us:

Digital Gold Investment Safety News In Hindi: भारत का डिजिटल प्रेशियस मेटल्स सेक्टर अब तेजी से एक संगठित और भरोसेमंद ढांचे की ओर बढ़ रहा है। डिजिटल गोल्ड और सिल्वर निवेश को लेकर बढ़ती लोकप्रियता के बीच इंडस्ट्री के प्रमुख प्लेटफॉर्म्स ने मिलकर डिजिटल प्रेशियस मेटल्स एश्योरेंस काउंसिल ऑफ इंडिया (DPMACI) नामक एक सेल्फ-रेगुलेटरी ऑर्गनाइजेशन (SRO) का गठन किया है।

इस कदम को मुंबई समेत देशभर के डिजिटल गोल्ड निवेशकों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे पूरा इकोसिस्टम अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल डिजिटल मेटल मार्केट में पारदर्शिता, उपभोक्ता सुरक्षा और मानकीकरण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है।

पूरे सेक्टर के लिए एक समान नियम

डीपीएमएसीआई का मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्रेशियस मेटल्स सेक्टर के लिए एक समान आचार संहिता तैयार करना और संचालन में एकरूपता लाना है। यह संगठन सरकार और नियामक संस्थाओं के साथ मिलकर ऐसे मानक विकसित करेगा, जिनसे डिजिटल मेटल इकोसिस्टम अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके। हाल ही में जारी जानकारी के अनुसार, इस एसआरओ की स्वतंत्र चेयरपर्सन के रूप में नीति विशेषज्ञ सुश्री निरुपमा सुंदरराजन को नियुक्त किया गया है। उन्हें पब्लिक पॉलिसी और फाइनेंशियल सेक्टर में व्यापक अनुभव हासिल है।

सम्बंधित ख़बरें

महाराष्ट्र में सड़क हादसों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 2030 तक दुर्घटनाएं 50% कम करने के लिए सरकार का मेगा प्लान

मुंबई में मराठी साइनबोर्ड विवाद गरमाया, छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई; बीएमसी ने वसूला 1.05 करोड़ जुर्माना

मुंबई में ट्रैफिक से राहत गोरेगांव खाड़ी पर 418 करोड़ से बनेगा 6-लेन केबल-स्टे ब्रिज,बीएमसी ने शुरू किया काम

मुंबई के मानखुर्द में बनेगी नई जेल, कारागृह प्रशासन को मिली 11 एकड़ जमीन; 1 दिन में हटाई गईं 1200 झोपड़ियां

फिनटेक और बुलियन कंपनियां बनीं भागीदार

इस संगठन में देश के कई प्रमुख डिजिटल गोल्ड और सिल्वर प्लेटफॉर्म्स शामिल हुए हैं। इनमें एमएमटीसी-पीएएमपी, सेफगोल्ड और ऑगमोंट जैसे बड़े बुलियन ब्रांड्स के साथ-साथ फोनपे, भारतपे, मोबिक्विक, क्रेड, गुल्लक और लेनडेन क्लब जैसे फिनटेक प्लेटफॉर्म्स भी भागीदार हैं। इन कंपनियों का उद्देश्य एक साझा फ्रेमवर्क के तहत काम करते हुए पूरे सेक्टर में पारदर्शिता, मानकीकरण और उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाना है।

हर डिजिटल होल्डिंग के पीछे होगा वास्तविक गोल्ड या सिल्वर

डीपीएमएसीआई द्वारा प्रस्तावित फ्रेमवर्क का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सभी डिजिटल होल्डिंग्स को एक-से-एक अनुपात में वास्तविक फिजिकल गोल्ड या सिल्वर से बैक किया जाएगा। यानी ग्राहक जितना डिजिटल निवेश करेगा, उतनी ही मात्रा में वास्तविक धातु सुरक्षित वॉल्ट्स में मौजूद रहेगी। इस व्यवस्था की नियमित स्वतंत्र ऑडिट के माध्यम से जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या जोखिम की संभावना को कम किया जा सके।

मजबूत कस्टडी और ट्रस्ट मॉडल की तैयारी

ग्राहकों की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कस्टडी और ट्रस्ट मॉडल अपनाने की भी योजना बनाई गई है। इसके तहत भौतिक धातुओं को स्वतंत्र कस्टोडियन या सुरक्षित वॉल्ट्स में रखा जाएगा, जबकि ग्राहकों के फंड्स को अलग-अलग सेग्रेगेटेड खातों में ट्रस्टी की निगरानी में रखा जाएगा। इस मॉडल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी प्लेटफॉर्म या इंटरमीडियरी को भविष्य में वित्तीय संकट या दिवालियापन जैसी स्थिति का सामना करना पड़े, तब भी ग्राहकों की संपत्ति सुरक्षित बनी रहे।

अंतरराष्ट्रीय मानकों और शिकायत निवारण पर जोर

उद्योग द्वारा प्रस्तावित मानकों में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस्तेमाल होने वाली धातुएं अंतरराष्ट्रीय गुड डिलीवरी स्टैंडर्ड्स, जैसे लंदन और यूएई आधारित मानकों, के अनुरूप हों। इसके साथ ही उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए एक औपचारिक ओम्बड्समैन सिस्टम और समयबद्ध ग्रिवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद समाधान उपलब्ध कराना है।

आधिकारिक पोर्टल से बढ़ेगी पारदर्शिता

इस पहल के तहत एक आधिकारिक पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, जहां पूरे फ्रेमवर्क, ऑडिट प्रक्रिया, कस्टडी सिस्टम और शिकायत निवारण व्यवस्था से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी। इससे उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शिता मिलेगी और डिजिटल गोल्ड व सिल्वर मार्केट में विश्वास मजबूत होगा।

यह भी पढ़ें:- Explainer: और बढ़ेंगे CNG, पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी को अभी नहीं मिलेगी राहत! अब अगला नंबर किसका?

सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव

डीपीएमएसीआई का गठन भारत के डिजिटल गोल्ड और सिल्वर सेक्टर को अधिक संगठित, सुरक्षित और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि डिजिटल मेटल इकोसिस्टम तकनीक, नियमन और उपभोक्ता सुरक्षा के नए स्तर पर भी पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह मॉडल प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो आने वाले वर्षों में डिजिटल प्रेशियस मेटल निवेश को नई गति मिल सकती है।

Digital gold silver investment safe dpmaci sro framework india

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: May 16, 2026 | 11:45 AM

Topics:  

  • Business News
  • Gold
  • Investment
  • Mumbai News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.