Mumbai Non AC Local Train (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Non AC Local Train: ऑटोमेटिक दरवाजे वाली देश की पहली नॉन एसी लोकल मुंबई पहुंच गई है। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली मुंबई लोकल को अधिक सुरक्षित व सुगम बनाने के उद्देश्य से बंद दरवाजे वाली नई लोकल पेश की जा रही है। इससे मुम्बई लोकल का नया पर्व शुरू होने वाला है।
सोमवार को बंद दरवाजे वाली पहली नॉन एसी लोकल को मध्य रेल के कुर्ला कारशेड में लाया गया। नई नवेली इस लोकल में मुंबईकरों की सुविधा व सुरक्षा का ख्याल रखा गया है। 12 डिब्बों की यह ट्रेन अपनी तरह की पहली नॉन-एसी ट्रेन है। स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजों से लैस इस ट्रेन को मुंबई की भारी भीड़ वाले उपनगरीय मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई गई है।
मध्य रेल को मिली पहली नॉन-एसी बंद दरवाजों की इस लोकल का डिजाइन एसी रेक की तरह ही है। चेन्नई के पेरम्बूर स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री से बनकर तैयार हुई यह लोकल पहले की आम लोकल के मुकाबले कई मामलों में अलग है। मध्य रेल के सीपीआरओ डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि ऑटोमेटिक दरवाजे वाली इस साधारण परंतु अत्याधुनिक लोकल में यात्रियों के वेंटिलेशन के साथ सुविधा को अपग्रेड किया गया है। इस लोकल में अत्याधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है।
लोकल 900 एमएम की जगह 1900 एमएम की विंडो है, ताकि आसानी से हवा ज्यादा आ सके। इसके अलावा इस लोकल में 10000 क्यूबिक मीटर हवा हर घन्टे छोड़ने की व्यवस्था की गई है। ऑटोमेटिक दरवाजे वाली नॉन एसी लोकल के कोच और सिटिंग व्यवस्था एसी लोकल की तरह बनाई गई है। इस लोकल में यात्रियों को खड़े होने की ज्यादा जगह दी गई है।
मुंबई में खुले दरवाजे वाली लोकल में पीक आवर में होने वाली भारी भीड़ और उससे होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिहाज से नई बंद डिब्बों वाली लोकल बनाने का निर्देश रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिया था। यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद जरूरी है कि मुंबई में चलने वाली सभी लोकल ट्रेनों के दरवाजे बंद हों। उल्लेखनीय है कि जून 2025 में मुंब्रा में भीड़ भरी लोकल के दरवाजे से कई यात्रियों के गिरने के बाद रेल मंत्री ने कहा था कि अब मुंबई के लिए बनने वाली सभी लोकल बंद दरवाजे वाली होगी। उसी के अनुसार यह पहली नॉन एसी लोकल उपलब्ध कराई गई है। आम यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।
बेहतर वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है। घुटन रोकने के लिए ब्लोअर के साथ नई नॉन एसी लोकल में 6+3+3 कोच होंगे। इनमें फर्स्ट क्लास के 4 कंपार्टमेंट, फर्स्ट क्लास लेडीज के लिए 2,सेकंड क्लास महिला के लिए 5 और 8 जनरल कंपार्टमेंट होंगे। इसके अलावा लगेज व दिव्यागों के लिए 2-2 कंपार्टमेंट बनाए जाएंगे।
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मुंबई की नॉन एसी लोकल में सबसे बड़ी चुनौती वेंटिलेशन की थी। नॉन-एसी ट्रेनों में बंद दरवाजों से हवा का बहाव रुकने का डर था। इस समस्या को हल करने के लिए ट्रेन में जबरदस्त वेंटिलेशन यूनिट्स लगाई गई हैं। छत पर ब्लोअर्स लगे हैं, जो लगातार ताजी हवा को कोच में भेजते हैं।
पीक आवर में भारी भीड़ को ध्यान में रखकर ड्राइवर केबिन से जुड़े ऑटोमैटिक दरवाजे बंद करने का सिस्टम, सेंसर्स, टॉकबैक, यात्री सूचना डिस्प्ले और बेहतर वेंटिलेशन दिए गए हैं। इससे कार्बन डाइऑक्साइड जमा नहीं होगी। नॉन एसी ट्रेन में सामान रखने से लेकर बैठने और अलार्म तक सभी सुविधा एसी लोकल की तरह ही दी गई है।
मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ स्वप्निल नीला ने बताया कि इस ऑटोमेटिक दरवाजे वाली नॉन एसी लोकल को पैसेंजर सर्विस में लाने से पहले ट्रायल होगा। ट्रायल सहित सेफ्टी को लेकर सारी औपचारिकता पूरी होने के बाद इसे यात्रियों की सेवा में शामिल किया जाएगा।