यवतमाल जिला प्रशासन में बड़ा बदलाव, पुसद में बनेगा नया अपर जिलाधिकारी कार्यालय

Yavatmal Governance Reform: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में प्रशासनिक कामकाज को सुगम बनाने के लिए पुसद में नए अपर जिलाधिकारी कार्यालय को मंजूरी दी गई है।
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Yavatmal District Administration (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Yavatmal District Administration Division: यवतमाल जिला कुल 16 तहसीलों में फैला हुआ है। इसका भौगोलिक क्षेत्र और जनसंख्या काफी विशाल है। जिले के अंतिम छोर पर स्थित गांवों से जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 139 किमी है। इसी दूरी को कम करने के लिए सरकार ने जिलाधिकारी कार्यालय का विभाजन कर पुसद में अपर जिलाधिकारी कार्यालय और शेंबालपिपरी व ढाणकी में अपर तहसील कार्यालय को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

पुसद में धनने वाले इस नए अपर जिलाधिकारी कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में चार तहसीलें पुसद, दिग्रस, उमरखेड़ और महागांव को जोड़ा जाएगा, वर्तमान में जिलाधिकारी कार्यालय के कामकाज का दायरा काफी बड़ा है, जिसमें जमायंदी, भूमि सुधार, विधायी कार्यान्यवन, सीलिंग, पट्टेदारी, आदिवासियों को भूमि की वापसी और महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम के तहत अपील के मामले शामिल हैं। शेवालपिंपरी, खंडाला और वेलोरा जैसे गांवों को दुर्गम माना जाता है, जबकि दराटी, निंगणूर, मुलावा और ढाणकी क्षेत्र के कई गांव आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्र के रूप में पहचाने जाते हैं।

नागरिकों की असुविधा होगी दूर

पुसद में नया कार्यालय खुलने से प्रशासनिक कामकाज अधिक जन-उन्मुख और तीव्र होगा, जिससे नागरिकों की असुविधा दूर होगी और मुख्य जिलाधिकारी कार्यालय पर काम का बोझ भी कम होगा। यवतमाल जिलाधिकारी कार्यालय के अंतर्गत कुल क्षेत्रपाल 1,35,782 वर्ग किमी है। यहां की आबादी 27,72,348 है। वर्तमान में इसमें 7 उप-मंडल, 16 तहसील, 1 अपर तहसील, 110 मंडल, 682 साजे और कुल 2,145 गांव शामिल हैं।

विभाजन के बाद बदल जाएगा कार्यालय का स्वरूप

यवतमाल कार्यालय के विभाजन और पुसद अपर जिलाधिकारी कार्यालय के अस्तित्व में आने के बाद मुख्य जिला कार्यालय का स्वरूप बदल जाएगा, विभाजन के बाद मुख्य कार्यालय का क्षेत्रफल 1,31,869 वर्ग किमी और जनसंख्या 19,71.257 रह जाएगी। इसके अंतर्गत 5 उप-मंडल, 12 तहसील, 1 अपर तहसील, 79 मंडल, 500 साजे और कुल 1,601 गांव बचेंगे, इसके लिए व्यापक तैयारी शुरु कर दी गई है। आगामी 1 मई महाराष्ट्र दिन पर इसके शुभारंभ की उम्मीद है।

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