प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Customs Diesel Smuggling: मुंबई के समुद्री रास्तों से होने वाली तस्करी के खिलाफ सीमा शुल्क विभाग (Customs) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एक गुप्त सूचना के आधार पर बीच समुद्र में की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में विदेशी डीजल बरामद किया गया है, जिसे बेहद शातिर तरीके से पानी की टंकियों में छिपाकर रखा गया था।
मुंबई कस्टम्स के अधिकारियों को एक सटीक खुफिया जानकारी मिली थी कि एक बड़ा मालवाहक जहाज ‘एमवी टीना 4’ (MV Tina 4) प्रतिबंधित डीजल की खेप लेकर भारतीय जल सीमा में प्रवेश कर रहा है। रविवार को घेराबंदी करते हुए अधिकारियों ने समुद्र के बीचों-बीच इस पोत को रोका। तलाशी के दौरान अधिकारी तब दंग रह गए जब उन्होंने देखा कि जहाज पर मौजूद बड़ी-बड़ी पानी की टंकियों में पानी नहीं, बल्कि तस्करी का ‘हाई-स्पीड’ डीजल भरा हुआ था।
इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कस्टम विभाग ने जहाज के कप्तान और पोत मालिक के बेटे को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि यह डीजल विदेशी जहाजों से अवैध रूप से खरीदा गया था। इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का मकसद सीमा शुल्क (Customs Duty) की चोरी कर स्थानीय तटीय नौकाओं और औद्योगिक कारखानों को सस्ते दामों पर ईंधन की आपूर्ति करना था। विभाग को संदेह है कि इस खेल में कई और बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।
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अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए डीजल की मात्रा 180 टन से अधिक है। यह मुंबई कस्टम्स द्वारा हाल के दिनों में की गई सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक मानी जा रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और एक संगठित नेटवर्क के जरिए भारतीय राजस्व को करोड़ों का चूना लगा रहा था। जब्त पोत की कीमत और ईंधन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में वैल्यू करोड़ों में आंकी जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि इस गिरफ्तारी के बाद जल्द ही कुछ और बड़े छापे मारे जा सकते हैं। इस तस्करी कांड के पीछे छिपे ‘सिंडिकेट’ को उजागर करने के लिए विभाग अब उन स्थानीय संपर्कों की तलाश कर रहा है, जो इस अवैध ईंधन को बाजार में खपाने का जिम्मा लेते थे। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां संभव हैं।