PCMC Election 2026: पिंपरी-चिंचवड़ में भारी क्रॉस वोटिंग, दिग्गज नेताओं को करारी हार
Maharashtra News: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा चुनाव 2026 में 19 वार्डों में हुई क्रॉस वोटिंग ने राजनीतिक समीकरण बिगाड़ दिए। पूर्व महापौर समेत कई दिग्गज हार गए, जबकि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
- Written By: अपूर्वा नायक
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pimpri Chinchwad News In Hindi: पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका (पीसीएमसी) चुनाव 2026 के परिणामों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
इस बार कुल 32 में से 19 वार्डों में भारी क्रॉस वोटिंग देखने को मिली, जिसके कारण पूर्व महापौर और कई दिग्गज नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम ने भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार) दोनों के चुनावी गणित को उलझा दिया है।
दिग्गजों को लगा झटका
क्रॉस वोटिंग का सबसे बड़ा असर पूर्व महापौर उषा ढोरे, स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष विलास मडिगेरी, संतोष लोंढे और सीमा सावले जैसे स्थापित चेहरों पर पड़ा। इनके अलावा, नामदेव ढाके और सचिन चिंचवड़े, चंद्रकांत नखाते, जयश्री गावडे जैसे कद्दावर नेता भी अपनी सीटें नहीं बचा सके। चार सदस्यीय वार्ड प्रणाली में उम्मीदवारों ने पार्टी पैनल के बजाय व्यक्तिगत संबंधों और जातिगत समीकरणों (गावकी-भावकी) के आधार पर वोट मांग, जिससे चुनाव के नतीजे पूरी तरह बदल गए।
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राजनीतिक दलों की स्थिति
- चुनाव परिणामों में भाजपा 84 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार) को 37 सीटों पर सतीष करना पड़ा। शिवसेना (शिंदे यूट) को 6 सीटें मिली। भाजपा के 10 वार्डों में पूरा पैनल जीता है, जबकि राष्ट्रवादी के केवल 3 वाहों में ही पूरा पैनल जीत सका।
- दिलचस्प बात यह है कि सांगवी वार्ड से विजयी उज्वला दौरे का एक कथित चीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वे मतदाताओं से ‘घड़ी’ और ‘कमल’ के बीच वोट बांटने की अपील करती नजर आई।
- हालांकि, उन्होंने इसे एआई का दुरुपयोग बताकर खारिज कर दिया है। फिलहाल, इस क्रॉस वोटिंग ने भविष्य की स्थानीय राजनीति के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।
