
CM Devendra Fadnavis:मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्सः सोशल मीडिया)
Magnetic Maharashtra: महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) 2026’ में शिरकत करने स्विट्जरलैंड के दावोस पहुंच गए हैं। दौरे पर उद्योग मंत्री उदय सामंत और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ हैं।
दावोस रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत के विकास इंजन के रूप में ‘मैग्नेटिक महाराष्ट्र’ को और मजबूत करने का संकल्प है। राज्य की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर यात्रा को तेज करने में डब्ल्यूईएफ 2026 महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गत वर्ष महाराष्ट्र ने 16 लाख करोड़ रुपए के निवेश समझौते किए थे और इस बार और अधिक निवेश लाने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है।
दावोस में होने वाली इस परिषद के दौरान वैश्विक उद्योग समूहों, निवेशकों और नीति निर्माताओं से चर्चा कर महाराष्ट्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), औद्योगिक परियोजनाएं, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री फडणवीस 19 से 23 जनवरी तक 5 दिवसीय दावोस दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली बार किए गए समझौतों में से 72 प्रतिशत एमओयू साकार हुए हैं।
In the next five years, we will see a Mumbai that is more advanced than the capital cities of developed nations. पुढील पाच वर्षांत विकसित राष्ट्रांच्या राजधान्यांपेक्षा मुंबई अधिक प्रगत दिसेल. (‘बृहन महाराष्ट्र मंडळ, स्वित्झर्लंड’तर्फे आयोजित स्वागत समारंभ | स्वित्झर्लंड |… pic.twitter.com/tHIzbz8998 — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) January 18, 2026
इस बीच, राकांपा के विधायक रोहित पवार ने मुख्यमंत्री के दावोस दौरे पर सोशल मीडिया के जरिए टिप्पणी करते हुए अन्य राज्यों में हो रहे निवेश की तुलना पेश की है। उन्होंने बताया कि डिजनी ने बेंगलुरु के बेलंदूर में 1,74,000 वर्ग फुट जगह किराए पर ली है, जबकि हनीवेल ने 4,00,000 वर्ग फुट का कार्यालय सात वर्षों के लिए लिया है। इसी तरह, डेलॉइट ने मंगलुरु में 50,000 लोगों की भर्ती की घोषणा की और मारुति सुजुकी गुजरात में 35,000 करोड़ रुपये के निवेश से नया प्लांट लगा रही है।
रोहित पवार ने सवाल उठाया कि जब मुंबई यानी महाराष्ट्र देश का आर्थिक इंजन है और राज्य में बेरोजगारी बढ़ रही है, तो ये कंपनियां हमारे यहां निवेश क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री दावोस दौरे के दौरान भरपूर प्रयास कर विश्वस्तरीय कंपनियों से अधिकतम निवेश लाकर राज्य के बेरोजगार युवाओं को राहत देंगे।






