मुंबई में Child Marriage पर सख्ती: सेवा प्रदाताओं पर भी होगी कार्रवाई, 2 साल की सजा का प्रावधान

मुंबई उपनगर प्रशासन ने Child Marriage रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब शादी से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं को आयु प्रमाणपत्र जांचना अनिवार्य होगा, नियम तोड़ने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
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Child Marriage (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mumbai Child Marriage Law Strict Action: शादियों के सीजन और शुभ मुहूर्ती की बढ़ती हलचल के बीच मुंबई उपनगर जिला प्रशासन ने बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने के लिए कमर कस ली है।

जिला महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह को बढ़ावा देना, अनुमति देना या इसे रोकने में विफल रहना एक गंभीर दंडनीय अपराध है। प्रशासन के अनुसार, इस कानून का उल्लंघन करने वालों को दो साल के सश्रम कारावास और एक लाख रुपए तक के जुर्माने की सजा भुगतनी होगी।

Child Marriage से जुड़े हर सेवा प्रदाता पर भी कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने अपनी रणनीति को कड़ा करते हुए केवल अभिभावकों पर ही नहीं, बल्कि Child Marriage से जुड़े हर सेवा प्रदाता पर भी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसमें शादी के कार्ड छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस मालिक, मंडप डेकोरेटर, फोटोग्राफर, कैटरर्स, बैंड वादक और विवाह संपन्न कराने वाले धर्मगुरु शामिल हैं।

आयु सीमा और विधिक का किया गया है प्रावधान

इन सभी घटकों के लिए अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे किसी भी विवाह की बुकिंग स्वीकार करने से पहले दूल्हा और दुल्हन के आयु प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच करें। यदि कोई भी व्यक्ति जानबूझकर या लापरवाही के चलते बाल विवाह में शामिल होता है, तो उसे अपराधी माना जाएगा।

बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत, विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है। इस निर्धारित आयु सीमा से पहले किया गया कोई भी विवाह कानूनन अमान्य और दंडनीय है। मुंबई उपनगर को पूरी तरह से 'बाल विवाह मुक्त' करने के उद्देश्य से विभाग ने प्रिंटिंग प्रेस से लेकर मंगल कार्यालयों तक के सभी प्रबंधकों को सतर्क रहने और कानून का पालन सुनिश्चित करने का कड़ा आह्वान किया है।

गोपनीय सूचना के लिए हेल्पलाइन जारी

  • बाल विवाह को रोकने के लिए प्रशासन ने तंत्र को और भी मजबूत किया है। सरकार ने बाल विकास परियोजना अधिकारी (शहरी) को 'बाल विवाह निषेध अधिकारी' के रूप में नियुक्त किया है।
  • इसके अतिरिक्त, यदि किसी भी नागरिक को संभावित बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो वे चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर सकते हैं।
  • प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। समाज के हर वर्ग के सहयोग से मुंबई उपनगर जिला प्रशासन इस कुप्रथा को समाप्त करने के संकल्प को दोहरा रहा है।
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