दावोस में MMRDA ने महाराष्ट्र सरकार के साथ किए करार (सोर्स: सोशल मीडिया)
MMRDA Davos Investment 2026: विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के पहले ही दिन मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने इतिहास रच दिया है। 96 बिलियन डॉलर (8,73,600 करोड़ रुपए) के 10 निवेश समझौतों के साथ ‘मुंबई 3.0’ की नींव रखी गई है। यह निवेश मुंबई को वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-टेक इनोवेशन का केंद्र बनाएगा।
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के वार्षिक शिखर सम्मेलन में महाराष्ट्र ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा जीतने में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में, एमएमआरडीए (MMRDA) के आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने पहले ही दिन 10 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, जो कुल 96 बिलियन डॉलर यानी लगभग 8,73,600 करोड़ रुपये के निवेश की गारंटी देते हैं। यह पिछले वर्ष (2025) में प्राप्त 40 बिलियन डॉलर के निवेश की तुलना में दोगुने से भी अधिक है, जो राज्य के विकास की तीव्र गति को दर्शाता है।
🚨 BIG NEWS FROM DAVOS MMRDA kicks off #WEF2026 with a historic USD 96 BILLION investment push on Day One. ✅ 10 landmark MoUs
✅ Nearly 10 lakh jobs Mumbai Metropolitan Region steps onto the global stage. 🌍 (An Important Thread 👇)#WEF2026 #MahaAtDavos #MMRDAAtDavos pic.twitter.com/0f4e6hYPIU — MMRDA (@MMRDAOfficial) January 20, 2026
इस निवेश का सबसे बड़ा प्रभाव रोजगार के मोर्चे पर देखने को मिलेगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन परियोजनाओं से मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में लगभग 9.6 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे ‘मुंबई 3.0’ का ब्लूप्रिंट बताया है, जो महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक प्रमुख मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विश्वास जताया कि ये परियोजनाएं ठाणे, मुंबई, कल्याण और आसपास के क्षेत्रों को औद्योगिक विकास और नवाचार के वैश्विक केंद्र में बदल देंगी।
निवेश का एक बड़ा हिस्सा SBG ग्रुप के साथ हुए समझौते के तहत आया है, जो अगले 10 वर्षों में 45 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा। इसका उद्देश्य एमएमआर को लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक और हाइपरस्केल डेटा पार्कों के लिए विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसी तरह, पंचशील रियल्टी के साथ 25 बिलियन डॉलर का समझौता हुआ है, जिसके तहत फिनटेक बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स और एकीकृत टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिससे निर्माण और आपूर्ति श्रृंखला क्षेत्रों में 2.5 लाख नौकरियां आएंगी।
भविष्य के ‘नवाचार शहर’ (Innovation Cities) के रहेजा कॉर्प के साथ 10 बिलियन डॉलर की साझेदारी के तहत तीन इनोवेशन सिटीज विकसित करने की योजना है। इसमें खारबाव (भिवंडी) में एक औद्योगिक पार्क, वडाला में एक विशेष फिनटेक और साइबर सुरक्षा केंद्र, और मोजेक (MOSAIC) नामक एक अत्याधुनिक गेमिंग और एआई (AI) इनोवेशन सिटी शामिल है। ये परियोजनाएं मुंबई को एशिया की ‘टैलेंट कैपिटल’ बनाने में मदद करेंगी।
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एमएमआरडीए ने IISM ग्लोबल के साथ 8 बिलियन डॉलर का निवेश कर एक एकीकृत स्पोर्ट्स सिटी और स्किल-टेक यूनिवर्सिटी बनाने का भी निर्णय लिया है, जो स्पोर्ट्स मेडिसिन और एथलीट विकास पर केंद्रित होगा। इसके अतिरिक्त, सुमितोमो रियल्टी के साथ 8 बिलियन डॉलर की साझेदारी बीकेसी (BKC) को एक प्रीमियम ‘हाई स्ट्रीट डिस्ट्रिक्ट’ के रूप में पुनर्जीवित करेगी, जिसमें हाई-स्पीड रेल हब के साथ ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पर ध्यान दिया जाएगा।
केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि तकनीक और डेटा के मामले में भी मुंबई को सशक्त बनाने की तैयारी है। यूसी बर्कले (UC Berkeley) के साथ एआई और स्मार्ट अर्बन प्लानिंग के लिए, और जापान की JICA के साथ डिजिटल ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम के लिए समझौते किए गए हैं। लंदन के अर्बन फ्यूचर्स कलेक्टिव के साथ मिलकर एक ‘डिजिटल ट्विन’ फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा, जो डेटा-आधारित शासन और जलवायु-अनुकूल विकास को बढ़ावा देगा। म्यूनिख के तकनीकी विश्वविद्यालय (TUM) के साथ मिलकर यातायात इंजीनियरिंग और कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली गतिशीलता पर काम किया जाएगा।
इस व्यापक बदलाव के माध्यम से, एमएमआरडीए न केवल बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है, बल्कि ‘मुंबई इन मिनट्स’ (Mumbai in Minutes) की वास्तविकता को भी साकार करने की दिशा में बढ़ रहा है। ये निवेश महाराष्ट्र को भारत के विकास इंजन के रूप में मजबूती से स्थापित करेंगे।