CM Fadnavis कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: यवतमाल सिंचाई परियोजना, पुणे को 1,000 ई-बसें

Maharashtra News: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यवतमाल सिंचाई परियोजना, पुणे के लिए 1,000 ई-बसों और तिरुपति देवस्थान को जमीन समेत 10 बड़े फैसलों पर मुहर लगी।
Devendra Fadnavis
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai News In Hindi: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक शनिवार को संपन्न हुई। बैठक में यवतमाल जिले में एक बड़ी सिंचाई परियोजना को मंजूरी, पुणे के लिए ई-बसों की व्यवस्था व तिरुपति देवस्थानम को प्रतीकात्मक दर पर जमीन आवंटन सहित कुल 10 बड़े निर्णय लिए गए।

इस दौरान प्रशासनिक सुधार जैसे विषय पर भी प्रमुखता से मंथन किया गया। बैठक में यवतमाल जिले में बेंबला नदी परियोजना के लिए 4,775 करोड़ रुपए की राशि आवंटित करने को मंजूरी कैबिनेट ने दी। परियोजना से यवतमाल जिले के नेर, बाभुलगांव, कलंब, रालेगांव और मारेगांव तालुकाओं में कुल 58,768 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।

तिरुपति देवस्थान को रियायती दर पर भूखंड

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड को श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर बनाने के लिए उलवे नोड के सेक्टर 12 में आवंटित 3.6 एकड़ भूखंड एक रुपया प्रति वर्ग मीटर की दर से देने को मंजूरी मिली। साथ ही अन्य संबंधित शुल्क और सेवा कर माफ किए गए। अम्मावरी देवी का मूल मंदिर तिरुपति के पास तिरुचानूर में है।

पुणे को 1,000 ई-बसों के लिए वित्तीय व्यवस्था

केंद्र सरकार की पीएम-ई ड्राइव योजना के तहत पुणे महानगर क्षेत्र में 1,000 इलेक्ट्रिक बसे चलाई जाएंगी। इस सुविधा के लिए संबंधित कंपनियों को मासिक भुगतान की राशि पुणे महानगरपालिका और पिपरी चिंचवड महानगरपालिका के खाते से सीधे ट्रांसफर करने की प्रणाली को मंजूरी दी गई। पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट योजना के तहत चार लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पनवेल में अण्णासाहेब पाटील महामंडल का मुख्यालय

अण्णासाहेब पाटिल आर्थिक मागास विकास महामंडल के मुख्यालय के लिए पनवेल (पश्चिम) के सेक्टर 16 में 6,000 वर्ग मीटर का भूखंड एक रुपया प्रति वर्ग मीटर की दर पर देने को मंजूरी मिली। आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, उद्योग के लिए वित्तीय सहायता, मराठा समाज की भागीदारी बढ़ाना इस महामंडल का उद्देश्य है।

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