Jaunpur family tragedy (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mulund Metro Accident: मुलुंड मेट्रो हादसे में जान गंवाने वाले रामधनी यादव के परिवार को सरकार और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। सोमवार को परिवार ने रामधनी यादव का शव प्राप्त किया। फिलहाल उनका परिवार जौनपुर स्थित अपने गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है। प्रिया सरोज, सांसद (मछलीशहर, उत्तर प्रदेश), मुंबई से गांव तक शव ले जाने का खर्च वहन कर रही हैं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को शव को परिजनों के साथ हवाई जहाज से जौनपुर ले जाया जाएगा।
इस पूरी व्यवस्था का प्रबंध सांसद प्रिया सरोज द्वारा किया गया है। परिवार और रिश्तेदारों ने बताया कि रामधनी यादव की तीन नाबालिग बेटियां हैं। ऐसे में उनके पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य में विवाह की जिम्मेदारी को लेकर परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हालांकि एमएमआरडीए की ओर से आर्थिक मदद प्रदान की गई है, फिर भी जीवन-यापन का प्रश्न परिवार के सामने चुनौती बना हुआ है।
रामधनी यादव अपनी पत्नी के साथ उत्तर प्रदेश के जौनपुर से मुंबई शादी समारोह में शामिल होने आए थे। शनिवार को मुंबई के मुलुंड स्थित एलबीएस रोड पर निर्माणाधीन मेट्रो पुल का एक हिस्सा गिर गया, जिसकी चपेट में रिक्शा से जा रहा यादव परिवार आ गया। इस हादसे में रामधनी यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए।
घायलों में महेंद्र यादव की कई हड्डियां टूट गई हैं, जबकि राजकुमार यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। मुलुंड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजय जोशी ने बताया कि परिवार और रिश्तेदारों से समन्वय कर शव उन्हें सौंप दिया गया है।
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रामधनी यादव जौनपुर जिले के भरथनी गांव के पूर्व प्रधान बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद मुंबई से लेकर जौनपुर तक शोक की लहर फैल गई है। परिवार के साथ यादव समाज के लोग भी मौजूद हैं और हर संभव सहयोग किया जा रहा है।
रमेश यादव (रिश्तेदार) ने बताया कि मुआवजा मिल गया है और सांसद प्रिया सरोज के सहयोग से शव को विमान से गांव ले जाया जा रहा है, लेकिन घर के मुखिया की मौत के बाद तीन नाबालिग बेटियों के भविष्य को लेकर परिवार गहरे संकट में है।