मुंबई को 53 हजार करोड़ का मेगा पैकेज: मेट्रो, नई एसी लोकल ट्रेनें, हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स को मंजूरी

Mumbai News: मुंबई के लिए सरकार ने 53 करोड़ का मेगा पैकेज मंजूर किया है, जिसमें मेट्रो विस्तार, 238 नई एसी लोकल ट्रेनें, हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स, रेल कॉरिडोरल और एयरपोर्ट एलिवेटेड रोड शामिल हैं।
मुंबई मेट्रो (pic credit; social media)
मुंबई मेट्रो (pic credit; social media)
Published on
Updated on

Maharashtra News: मुंबईकरों की परिवहन व्यवस्था और न्यायिक ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लगभग 53,333 करोड़ रुपये के मेगा पैकेज को मंजूरी दी गई। इसमें मेट्रो विस्तार, नई लोकल ट्रेनें, रेल कॉरिडोर, हाईकोर्ट का नया कॉम्प्लेक्स और नवी मुंबई एयरपोर्ट तक एलिवेटेड रोड जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।

सबसे अहम फैसला मेट्रो रूट-11 (वडाला से गेटवे ऑफ इंडिया) प्रोजेक्ट पर हुआ। करीब 23,487.51 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस 17.5 किमी लंबी लाइन पर 14 स्टेशन होंगे, जिनमें से 13 अंडरग्राउंड और 1 एलिवेटेड होगा। यह प्रोजेक्ट मेट्रो-4 का हिस्सा रहेगा और इसे मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लागू करेगा।

लोकल ट्रेनों को भी नई ताकत देने का फैसला हुआ। मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP-3 और 3A) के तहत 238 एसी लोकल ट्रेनें खरीदी जाएंगी। इसके लिए 4,826 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें राज्य सरकार का हिस्सा 2,413 करोड़ रुपये होगा। अधिकारियों के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया एक महीने के भीतर शुरू होगी।

रेलवे नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए एमयूटीपी-3B को मंजूरी दी गई है। लगभग 14,907 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में तीन कॉरिडोर शामिल होंगे—बदलापुर-कर्जत तीसरी और चौथी लाइन, आसनगांव-कसारा चौथी लाइन और पनवेल-वसई नया उपनगरीय कॉरिडोर। खासकर पनवेल-वसई कॉरिडोर से पश्चिम और हार्बर लाइन को सीधा कनेक्शन मिलेगा, जिससे यात्रियों की भीड़ कम होगी।

नवी मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाने के लिए 6,363 करोड़ रुपये की लागत से एलिवेटेड रोड बनाने को भी हरी झंडी दी गई। यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर सिडको द्वारा विकसित किया जाएगा।

न्यायपालिका के लिए भी बड़ा फैसला हुआ। बॉम्बे हाईकोर्ट का नया कॉम्प्लेक्स बांद्रा-पूर्व में 30.16 एकड़ जमीन पर 3,750 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इसमें कोर्ट रूम, जजों और अधिकारियों के दफ्तर व आवास, पुस्तकालय, ऑडिटोरियम और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।

इन परियोजनाओं से मुंबई के परिवहन और न्यायिक बुनियादी ढांचे को नया आयाम मिलेगा और शहर को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में यह कदम अहम साबित होगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com