मराठा आरक्षण आंदोलन: मुंबई में 9 एफआईआर दर्ज, सड़क जाम और रास्ता रोकने का आरोप

Mumbai News: मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर मुंबई में पिछले तीन दिनों के दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज की हैं।
मराठा आरक्षण आंदोलन 9 पर FIR (pic credit; social media)
मराठा आरक्षण आंदोलन 9 पर FIR (pic credit; social media)
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Maharashtra News: मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर मुंबई में पिछले तीन दिनों के दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सड़कें जाम करने, सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने और अनधिकृत परिसरों में जबरन प्रवेश की कोशिश करने के आरोप में पुलिस ने अब तक 9 एफआईआर दर्ज की हैं।

जानकारी के मुताबिक, इन एफआईआर में पुलिस स्टेशन क्षेत्र में दो, आजाद मैदान में तीन, जबकि एमआरए मार्ग, जे.जे. मार्ग, डोंगरी और कोलाबा पुलिस थाने में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई के बावजूद अब तक किसी भी प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

सड़क जाम और यातायात प्रभावित

पुलिस का कहना है कि आंदोलनकारियों ने बिना अनुमति के बड़ी संख्या में एकत्र होकर सड़कें जाम कर दीं। इसके चलते कई इलाकों में यातायात ठप हो गया और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने आरोप लगाया है कि आंदोलनकारियों ने कई जगहों पर जबरन प्रवेश की भी कोशिश की। इसे भी पढ़ें-अनशन खत्म, लेकिन मराठा आरक्षण का समाधान अधूरा; जीआर पर जानकारों की शंका

सरकार से समझौते के बाद आंदोलन शांत

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने आंदोलनकारियों की ज्यादातर मांगें मान लीं। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अपने गांवों को लौट गए। फिलहाल मुंबई में स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस की सख्त निगरानी

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गैरकानूनी रूप से भीड़ इकट्ठा करना, सड़क पर बैठना और ट्रैफिक बाधित करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसी वजह से आंदोलनकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई गईं, तो दोषियों के खिलाफ गिरफ्तारी सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नागरिकों की राहत

आंदोलन के शांत पड़ने के बाद अब आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। तीन दिनों तक यातायात जाम और रास्ता अवरुद्ध रहने से लोगों को घर और ऑफिस आने-जाने में दिक्कतें झेलनी पड़ी थीं। अब सरकार और पुलिस दोनों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि आगे इस तरह की स्थिति न बनने दी जाए।

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