
एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Cabinet Meeting: बीएमसी के मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन पद को लेकर महायुति में चल रही खींचतान के बीच मंगलवार को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे एक बार फिर कैबिनेट की अहम बैठक से गायब रहे। मिली जानकारी के मुताबिक शिंदे सातारा स्थित अपने गांव दरें के लिए निकल गए हैं। महानगरपालिका चुनाव के रिजल्ट की घोषणा के बाद से ही शिंदे और बीजेपी के बीच खटास की खबरें आ रही हैं।
खास तौर से मुंबई में बीएमसी के मेयर पद को लेकर दोनों दलों के बीच काफी संघर्ष चल रहा है। ऐसी रिपोर्ट है कि शिंदे ने पहले ढाई साल के लिए मेयर पद पर अपना दावा ठोका है जबकि बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है। बीएमसी चुनाव में बीजेपी के 89 और शिंदे सेना के 29 नगरसेवक चुन कर आए हैं।
इसलिए बिना शिंदे सेना के सहयोग के बीजेपी बहुमत के लिए आवश्यक 114 नगरसेवकों का आंकड़ा हासिल नहीं कर सकती है। इस वजह से शिंदे सेना मेयर पद हथियाने के लिए प्रेशर टैक्टिस का इस्तेमाल कर रही है जबकि बीजेपी के पास अपना मेयर बनाने का यह पहला मौका है। यही वजह है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस मेयर पद के लिए शिंदे के साथ कोई भी समझौता। करने के लिए तैयार नहीं हैं।
शिंदे गुट मेयर, स्टैंडिंग कमेटी और दूसरी जरूरी कमेटियों के पदों पर ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की बात कह रहा है। शिंदे की ‘होटल पॉलिटिक्स‘ की वजह से भी दिल्ली में बीजेपी लीडरशिप भी परेशान है। चर्चा है कि दिल्ली से चीफ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस को मुंबई में मेयर पद पर कोई समझौता न करने का साफ मैसेज दिया गया है। इस आदेश से गठबंधन में तनाव बढ़ गया है और नतीजों के दस दिन बाद भी मुंबई को मेयर नहीं मिल पाया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कि शिंदे का कैबिनेट मीटिंग से नदारद रहना उनकी नाराजगी को दिखाता है। कुछ नेताओं के मुताबिक, यह दबाव बढ़ाने की राजनीतिक चाल है और अगर अगले दो-तीन दिनों में कोई हल नहीं निकला तो गठबंधन में अंदरूनी लड़ाई और खुलकर सामने आने की संभावना है।
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पहले ऐसी खबर थी कि मंगलवार को बीएमसी के लिए चुने गए सभी 29 नगरसेवक रजिस्ट्रेशन के लिए कोकण भवन जाएंगे लेकिन अचानक यह फैसला टाल दिया गया। इन नगरसेवकों का कहना है कि डीसीएम शिंदे मुंबई में नहीं है, इसलिए वे कोकण भवन नहीं गए। लेकिन चर्चा है कि एक खास कॉल की वजह से यह फैसला होल्ड पर रख दिया गया है। इस फैसले के पीछे बड़े तूफान का अंदेशा जताया जा रहा है।
नवी मुंबई में बीजेपी के कैबिनेट मंत्री गणेश नाईक लगातार डीसीएम सीएम शिंदे पर निशाना साध रहे हैं। उनके इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण को एक पत्र लिखा है। उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेताओं से नाईक पर नकेल कसने की मांग की है।






