मंगेश जोशी महाराष्ट्र राज्य पर्यटन निदेशालय के निदेशक नियुक्त, किया पदभार ग्रहण
Mangesh Joshi: महाराष्ट्र पर्यटन निदेशालय के नए निदेशक के रूप में आईएएस मंगेश जोशी ने पदभार ग्रहण किया और उन्होंने राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Mangesh Joshi (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Maharashtra Tourism Department: महाराष्ट्र शासन के पर्यटन विभाग में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। पर्यटन निदेशालय के निदेशक के रूप में आईएएस अधिकारी मंगेश जोशी की नियुक्ति की गई है। मुंबई स्थित पर्यटन निदेशालय में उन्होंने निदेशक का पदभार ग्रहण किया। नियुक्ति से पहले मंगेश जोशी पुणे स्थित यशवंतराव चव्हाण विकास अकादमी (यशदा) में कार्यरत थे। नया कार्यभार संभालने के बाद अपनी बात रखते हुए मंगेश जोशी ने कहा, “महाराष्ट्र पर्यटन की अपार संभावनाओं से समृद्ध राज्य है।
पर्यटन विभाग की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी एवं परिणामकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए राज्य के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक आकर्षक, सुरक्षित और विश्वसनीय गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। साथ ही, सतत पर्यटन को बढ़ावा देते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति देने के लिए हम पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।”
सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित
उन्होंने आगे बताया कि राज्य के किले-गढ़, विस्तृत समुद्र तट, प्राकृतिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आने वाले समय में विशेष प्रयास किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की स्थापना दिनांक 31 मई 2006 को की गई थी।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई-पुणे को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ेंगी ये ट्रेनें, काशी, प्रयाग और अयोध्या की यात्रा होगी आसान
बड़ी कठिन है, मुलुक की राह! यूपी-बिहार की ट्रेनों में हो रही भारी भीड़, रेलवे की समर स्पेशल के बावजूद राहत नही
होटल में पनीर की जगह ‘एनालॉग’ के इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई, मेनू कार्ड पर जानकारी देना अनिवार्य
कुंभ मेले के कार्यों में आएगी तेजी, त्र्यंबकेश्वर में पूजा-अर्चना के बाद फडणवीस ने दी जानकारी
ये भी पढ़े: होटल में पनीर की जगह ‘एनालॉग’ के इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई, मेनू कार्ड पर जानकारी देना अनिवार्य
समृद्ध सांस्कृतिक विरासत
राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इस विभाग का गठन किया गया। पर्यटन और संस्कृति एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं, क्योंकि ऐतिहासिक स्मारक, लोककला एवं स्थानीय परंपराएँ न केवल सांस्कृतिक धरोहर हैं, बल्कि पर्यटन आकर्षण के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
