Ambedkar Jayanti Special: नागपुर के इसी होटल में ठहरे थे बाबासाहेब, 77 करोड़ से संवरेगा 'श्याम होटल' का भाग्य

Nagpur Shyam Hotel History: नागपुर के श्याम होटल, जहां 1956 में डॉ. आंबेडकर ठहरे थे, को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग फिर तेज हो गई है। 77 करोड़ के विकास प्रस्ताव ने मुद्दे को नई गति दी है।
Ambedkar Jayanti Special: Babasaheb stayed at this very hotel in Nagpur; a ₹77 crore project will transform the fortunes of 'Shyam Hotel'.
बाबासाहेब आंबेडकर नागपुर श्याम होटल प्रवास( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Dr. Babasaheb Ambedkar Stay Shyam Hotel Nagpur: नागपुर शहर के मध्य स्थित सीताबर्डी के टेकड़ी रोड पर मौजूद श्याम होटल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। यह वही ऐतिहासिक स्थान है जहां भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर अक्टूबर 1956 में नागपुर प्रवास के दौरान ठहरे थे। ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इस इमारत को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग वर्षों से उठती रही है। अब करीब 77 करोड़ रुपये के प्रस्तावित विकास प्लान के बाद इस मुद्दे ने फिर गति पकड़ ली है।

1956 का ऐतिहासिक नागपुर दौरा और श्याम होटल

अक्टूबर 1956 में नागपुर में हुए ऐतिहासिक बौद्ध धम्म दीक्षा कार्यक्रम के दौरान बाबासाहेब आंबेडकर शहर में कई दिनों तक रुके थे। इसी दौरान 12 से 16 अक्टूबर के बीच उनका ठहराव सीताबर्डी स्थित श्याम होटल में बताया जाता है। यह वही समय था जब नागपुर सामाजिक परिवर्तन के बड़े आंदोलन का केंद्र बना हुआ था। बाबासाहेब ने इस दौरान विभिन्न प्रतिनिधियों से मुलाकात की और कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की।

इसी दौरे के दौरान उन्होंने दीक्षाभूमि पर ऐतिहासिक धम्म दीक्षा समारोह में भाग लिया, जिसे देश के सामाजिक इतिहास का महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। श्याम होटल को उसी ऐतिहासिक दौर का साक्षी स्थल माना जाता है।

राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग क्यों

इतिहासकारों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यह इमारत केवल एक होटल नहीं बल्कि सामाजिक न्याय आंदोलन से जुड़ी धरोहर है। इसलिए इसे संरक्षित कर राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिया जाना चाहिए।

मांग में शामिल प्रमुख बिंदु

  • बाबासाहेब के ठहराव कक्ष का संरक्षण
  • स्मृति संग्रहालय की स्थापना
  • फोटो एवं दस्तावेज प्रदर्शनी
  • अध्ययन एवं शोध केंद्र
  • आगंतुक सुविधा केंद्र
  • स्मृति गैलरी

77 करोड़ रुपये का प्रस्तावित डेवलपमेंट प्लान

इस स्थान को विकसित करने के लिए लगभग 77 करोड़ रुपये का विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। प्रस्ताव में आधुनिक और ऐतिहासिक दोनों पहलुओं को शामिल करने की योजना है। इस योजना का उद्देश्य स्थल को राष्ट्रीय स्तर के स्मारक के रूप में विकसित करना है।

संभावित सुविधाएं

  • आंबेडकर स्मृति संग्रहालय
  • डिजिटल इंटरैक्टिव गैलरी
  • रिसर्च लाइब्रेरी
  • मल्टीपर्पज सभागार
  • ओपन एम्फीथिएटर
  • स्मृति उद्यान
  • पर्यटक सूचना केंद्र
  • पार्किंग और बुनियादी सुविधाएं

नगर निगम का प्रस्ताव, सरकार की मंजूरी बाकी

नागपुर नगर निगम से इस इमारत के अधिग्रहण और विकास का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा गया है। फिलहाल यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए लंबित है। स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि मंजूरी मिलने पर यह स्थल नागपुर के प्रमुख ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।

वर्तमान स्थिति और संरक्षण की जरूरत

फिलहाल श्याम होटल की इमारत सामान्य उपयोग में है, लेकिन ऐतिहासिक पहचान के कारण इसे संरक्षित करने की मांग लगातार उठ रही है। नागरिकों का कहना है कि समय रहते संरक्षण नहीं किया गया तो यह धरोहर धीरे-धीरे खत्म हो सकती है।

पर्यटन और शोध के लिहाज से महत्व

यदि इस स्थान को राष्ट्रीय स्मारक बनाया जाता है तो:

  • नागपुर का ऐतिहासिक पर्यटन बढ़ेगा।
  • बाबासाहेब से जुड़े शोध को नया केंद्र मिलेगा।
  • छात्रों और शोधार्थियों को दस्तावेज उपलब्ध होंगे।
  • सामाजिक आंदोलन के इतिहास को संरक्षित किया जा सकेगा।

क्यों खास है सीताबर्डी का श्याम होटल

  • अक्टूबर 1956 में बाबासाहेब आंबेडकर का ठहराव स्थल।
  • धम्म दीक्षा काल से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृति।
  • राष्ट्रीय स्मारक बनाने की वर्षों पुरानी मांग।
  • 77 करोड़ रुपये का विकास प्रस्ताव तैयार।
  • नागपुर के ऐतिहासिक पर्यटन मानचित्र में शामिल होने की संभावना।

अब सभी की नजर राज्य सरकार के फैसले पर टिकी है। मंजूरी मिलती है तो सीताबर्डी का श्याम होटल सामाजिक न्याय आंदोलन की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहचान के रूप में विकसित हो सकता है।

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