वर्धा में बोरधरण पर्यटन स्थल के विकास के लिए 4 करोड़ रुपये मंजूर, टाइगर सफारी और बोटिंग का मिलेगा आनंद
Wardha Bordharan News: वर्धा के बोरधरण पर्यटन स्थल के कायाकल्प के लिए सरकार ने 4 करोड़ रुपये अतिरिक्त मंजूर किए हैं। टाइगर सफारी और आधुनिक सुविधाओं से स्थानीय पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
- Written By: रूपम सिंह
बोरधरण पर्यटन पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Wardha Bordharan Tourism Development Pankaj Bhoyer: वर्धा जिले के सेलू तहसील स्थित बोरधरण पर्यटन स्थल के विकास के लिए राज्य सरकार ने नए सिरे से 4 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर की पहल पर इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों से घिरे इस क्षेत्र में पर्यटकों को टाइगर सफारी के साथ-साथ बोटिंग और अन्य आकर्षक गतिविधियों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
अब तक इस परियोजना के तहत कुल 10 करोड़ 23 लाख रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। सेलू तहसील का बोर क्षेत्र एक महत्वपूर्ण टाइगर प्रोजेक्ट है, जहां देशभर से पर्यटक बाघ देखने के लिए आते हैं।
इसी प्रोजेक्ट के बीच स्थित बोरधरण प्राकृतिक रूप से अत्यंत आकर्षक है, जहां चारों ओर हरियाली और विभिन्न प्रजातियों के पेड़ इसकी सुंदरता को बढ़ाते हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए राहटी और ढगा नामक दो नए गेट शुरू किए गए हैं, जिससे वे अपने नजदीकी स्थान से सफारी का आनंद ले सकें।
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साथ ही बोरधरण निसर्ग सफारी गेट से पर्यटकों के लिए सफारी वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा बोटिंग के लिए जेट्टी का निर्माण, पर्यटकों के लिए पहुंच मार्ग, पॉलीकार्बोनेट शेड, सीएनसी गेट और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां स्थित रिसॉर्ट का भी आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिसमें वीआईपी सूट, मीटिंग हॉल, फर्नीचर, इंटीरियर, विद्युत कार्य, रसोई, वसतिगृह और डीलक्स कमरों का निर्माण शामिल है।
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इको-टूरिज्म के लिए पहले ही निधि मंजूर
इन सभी कार्यों के लिए जिला नियोजन समिति की वन एवं इको-टूरिज्म योजना के तहत 6 करोड़ 23 लाख रुपये की राशि पहले ही मंजूर की जा चुकी है। वहीं पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की प्रादेशिक पर्यटन विकास योजना के अंतर्गत सौंदर्याकरण और सोलर लाइट व्यवस्था के लिए अतिरिक्त 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
स्थानीयों को मिलेगा रोजगार
पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि बोरधरण प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर स्थल है और टाइगर प्रोजेक्ट का हिस्सा होने के कारण इसकी पर्यटन संभावनाएं काफी अधिक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में यह स्थल राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा और इससे स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
