Malwani LPG Gas (फोटो क्रेडिट-X)
Malwani LPG Gas Agency: मुंबई के मलाड इलाके के मालवणी में गैस सिलेंडर पाने के लिए मची अफरा-तफरी ने अब हिंसक रूप ले लिया है। यहाँ एक गैस एजेंसी के बाहर बीती रात से ही लोगों की भारी भीड़ जमा है। आलम यह है कि लोग अपना काम-धंधा छोड़कर और नींद खराब कर कतारों में खड़े हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी जब उन्हें सिलेंडर नहीं मिला, तो उनका सब्र टूट गया। देखते ही देखते मौके पर मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई और उन्होंने एजेंसी के मालिक पर अपना गुस्सा उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है।
नाराज नागरिकों का कहना है कि वे कल रात से ही गैस सिलेंडर की उम्मीद में लाइन लगाकर खड़े हैं। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस कतार का हिस्सा हैं, लेकिन एजेंसी की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा था। इसी गहमागहमी के बीच जब एजेंसी मालिक बाहर आया, तो लोगों ने उसे घेर लिया। बात बहस से शुरू हुई और धक्का-मुक्की तक पहुँच गई। आरोप है कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने मालिक की पिटाई भी कर दी, जिससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
मालवणी जैसे घनी आबादी वाले इलाके में गैस की किल्लत नई बात नहीं है, लेकिन इस बार स्थिति काफी खराब दिख रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी जानबूझकर सिलेंडर की सप्लाई रोक रही है या फिर उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही। रात भर जागने और लंबी लाइन में खड़े रहने की वजह से लोगों में पहले से ही काफी चिड़चिड़ापन था। जैसे ही सुबह हुई और स्टॉक खत्म होने की बात सामने आई, वैसे ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
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हंगामे और मारपीट की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। पुलिस ने बीच-बचाव कर एजेंसी मालिक को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन लोगों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने एजेंसी संचालक और नागरिकों के बीच बातचीत कराने की कोशिश की है ताकि सप्लाई को सुचारू बनाया जा सके। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा ऐसी कोई अप्रिय घटना न घटे।
इस घटना ने मुंबई के उपनगरों में एलपीजी गैस की सप्लाई चेन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते सप्लाई ठीक नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह विरोध और बड़ा रूप ले सकता है। फिलहाल, गैस एजेंसी मालिक ने सुरक्षा की मांग की है, वहीं जनता अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस किल्लत को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।