हर्षवर्धन सपकाल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Harshwardhan Sapkal: महायुति सरकार के घातक दलों के बीच चल रही आंतरिक कलह कलह सरकार पर भारी पड़ रही है। सरकार में शामिल दलों के मंत्री, विधायक और नेता एक दूसरे हमला बोल रहे हैं और पोल खोल रहे हैं। इसका लाभ उठाते हुए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला।
उन्होंने कहा कि नगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान सत्ताधारी पार्टी के मंत्रियों का यह कहना कि ‘किसी से भी पैसे लो, मटन खाओ लेकिन बटन हमारा ही दबाना अर्थात वोट हमें ही देना’, लोकतंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है। सपकाल ने कहा कि भाजपा महायुति का काम ‘पैसा फेंक, तमाशा देख’ जैसा है और मंत्रियों की सार्वजनिक रूप से स्वीकारोक्ति का मतलब है कि कांग्रेस और राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर मुहर लग गई है।
‘ट्रिपल इंजन’ सरकार सत्ता के बिना नहीं रह सकती। भाजपा, शिंदे सेना और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस सता के लिए लाचार है। इसलिए, महायुति में कितनी भी अंदरूनी कलह हो, वे सत्ता के लिए आपस में तालमेल बिठा लेंगे।
– हर्षवर्धन सपकाल, अध्यक्ष, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी
बुलढाणा में मीडिया से बात करते हुए सपकाल ने विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) में मतभेदों की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव कार्यकर्ताओं के चुनाव होते हैं।
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कार्यकर्ताओं ने इन चुनावों को स्वतंत्र रूप से (स्वबल) लड़ने की मांग की थी, जिसका सम्मान करते हुए कांग्रेस और मविआ के घटक दल चुनाव लड़ रहे है। इसकी जानकारी शरद पवार और उद्धव ठाकरे को दी गई है।
इसीलिए कुछ जगहों पर ‘एकला चलो’ की लड़ाई लड़ी जा रही है तो कुछ स्थानों पर गठबंधन भी हुआ है। इसलिए गठबंधन में किसी के नाराज होने का कोई सवाल ही नहीं है। जिला परिषद और महानगरपालिका चुनावों का कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है, जिस पर बाद में निर्णय लिया जाएगा।