पुणे शहर चोरी के आंकड़े (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Burglary Crime Data: शहर में बीते पांच वर्षों के दौरान सेंधमारी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच सालों में पुणे में कुल 2,706 सेंधमारी के मामले दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े शहरी सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं।
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि कोरोना महामारी के बाद अपराध के ग्राफ में तेज उछाल आया। वर्ष 2021 में 448 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2022 में यह संख्या बढ़कर 612 हो गई। यह लगभग 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जो पुलिस प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति रही।
साल 2023 में मामूली गिरावट के साथ 606 मामले सामने आए, लेकिन यह आंकड़ा भी काफी अधिक रहा। वर्ष 2024 में पुलिस की सक्रियता और गश्त बढ़ाने के कारण मामलों में कमी आई और संख्या घटकर 512 पर पहुंच गई। हालांकि यह राहत अस्थायी साबित हुई।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2025 में सेंधमारी के मामलों की संख्या फिर बढ़कर 528 हो गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अपराधी अधिक संगठित और दुस्साहसी होते जा रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार हो रही वारदातों ने नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।
ये भी पढ़ें :- 2017 कृषि कर्जमाफी के 6.56 लाख किसान अब भी इंतजार में, सरकार ने विधानसभा में दी जानकारी
सेंधमारी की बढ़ती घटनाएं पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तार और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत कर ही इन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। नागरिकों को भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है।