बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसान तबाह, मुंडे, वडेट्टीवार ने विधानसभा में सरकार को घेरा
Vijay Wadettiwar Statement: महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलें तबाह होने पर धनंजय मुंडे और विजय वडेट्टीवार ने विधानसभा में सरकार को घेरा जबकि सरकार ने तत्काल पंचनामे का आश्वासन दिया
- Written By: आंचल लोखंडे
hailstorm crop loss (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Unseasonal Rain: महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में 23 फरवरी को हुई बेमौसम तूफानी बारिश और ओलावृष्टि का मुद्दा मंगलवार को विधानसभा में गूंजा। पूर्व मंत्री एवं परली विधायक धनंजय मुंडे तथा कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने बारिश से हुई किसानों की बर्बादी के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण मराठवाड़ा के बीड, लातूर, परभणी, धाराशिव और नांदेड जिलों के साथ-साथ विदर्भ के नागपुर, भंडारा, गोंदिया, यवतमाल तथा कोंकण के कई हिस्सों में रबी फसलें बर्बाद हो गई हैं। गेहूं, ज्वार और चना जैसी कटाई के करीब पहुंची फसलें मिट्टी में मिल गई हैं, जबकि आम, अनार, अंगूर और तरबूज के बागानों को भारी नुकसान हुआ है।
सरकार का ध्यान आकर्षित
विधायक धनंजय मुंडे ने विधानसभा में पॉइंट ऑफ इन्फॉर्मेशन के जरिए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बीड जिले के परली, अंबाजोगाई, माजलगांव, धारूर और केज तालुकों की गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए तत्काल पंचनामे कराने की मांग की। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि यदि जल्द राहत प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो किसानों का आक्रोश बढ़ सकता है।
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वडेट्टीवार ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए उठाए मुद्दे
विजय वडेट्टीवार ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से दोहरी मार झेल रहे किसानों का दर्द सदन में रखा। उन्होंने कहा कि एक ओर ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हैं, तो दूसरी ओर सरकार शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना के लिए पुलिस बल का उपयोग कर किसानों की जमीनें जबरन लेने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि सहजपूर-जवला जैसे महज 600 की आबादी वाले गांव में 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर भूमि सर्वेक्षण कराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली अतिवृष्टि का मुआवजा अब तक नहीं मिला और धान बोनस भी अदा नहीं किया गया है।
राजस्व मंत्री ने दिया पंचनामे का आश्वासन
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सदन में आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री के माध्यम से सभी प्रभावित जिलों में तत्काल पंचनामे के निर्देश दिए जाएंगे।
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किसानों की चिंता बढ़ी
इस बीच विदर्भ और मराठवाड़ा में इस प्राकृतिक आपदा में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मौसम विभाग ने सोलापुर, परभणी, नांदेड और धाराशिव में अगले दो दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे किसानों की चिंता और गहरा गई है।
कोंकण के किसानों को बड़ी राहत
राज्य सरकार ने रायगढ़ और सिंधुदुर्ग जिलों के उन किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा की है, जिन्हें नवंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच हुई अतिवृष्टि से नुकसान हुआ था। इसके लिए 64 लाख 70 हजार रुपये का फंड मंजूर किया गया है, जो सीधे डीबीटी पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजा जाएगा।
