Teacher Recruitment Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Teacher Recruitment: राज्य में निजी अनुदानित माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। स्कूली शिक्षा विभाग ने 22 जून 2017 के बाद नियुक्त उन शिक्षकों की जांच का फैसला लिया है, जिनकी भर्ती ‘पवित्र पोर्टल’ के बिना हुई है। इसके लिए उपसंचालक की अध्यक्षता में त्रिसदस्यीय समिति गठित की गई है, और जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों का वेतन रोक दिया जाएगा।
दरअसल, 22 जून 2017 को पवित्र पोर्टल की शुरुआत हुई थी, लेकिन कुछ दिनों तक यह पोर्टल अकार्यान्वित रहा। इस दौरान राज्यभर की निजी अनुदानित माध्यमिक स्कूलों में करीब आठ हजार शिक्षकों की भर्ती कर ली गई।
अब विभाग ने इन सभी शिक्षकों की मान्यता और दस्तावेजों की पूरी जांच करने का निर्णय लिया है। विभागीय उप संचालक और दो शिक्षा अधिकारी स्तर के अधिकारियों की समिति प्रत्येक शिक्षक की व्यक्तिगत मान्यता, संस्था का रुजू रिपोर्ट, शिक्षा अधिकारियों के आदेश और शालार्थ आईडी जैसे दस्तावेजों की गहन पड़ताल करेगी।
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राज्य सरकार ने इस समिति को तीन महीने की समयसीमा देते हुए 15 मई 2026 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि नागपुर में 650, नाशिक में 800 तथा अन्य जिलों में भी सैकड़ों शिक्षकों की शालार्थ आईडी को लेकर गड़बड़ी सामने आई है। वहीं, राज्य के 17 हजार स्कूलों में तीन लाख शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों के दस्तावेजों की पड़ताल चल रही है। यदि जांच में यह साबित होता है कि भर्ती पवित्र पोर्टल के बिना हुई है तो संबंधित शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा।