गर्भाशय ऑपरेशन पर राज्य समिति की पहली बैठक, गन्ना मजदूर महिलाओं के स्वास्थ्य पर मंथन
Neelam Gorhe: नीलम गोरहे की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समिति की पहली बैठक में गन्ना कटाई मजदूर महिलाओं में हो रही अनावश्यक गर्भाशय सर्जरी की जांच और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान पर चर्चा की गई।
- Written By: आंचल लोखंडे
Women Health Awareness Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Women Health Awareness Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने गर्भाशय निकालने की अनावश्यक सर्जरी को रोकने के लिए पुनर्गठित राज्यस्तरीय समिति की पहली बैठक पुणे विधान भवन के झुंबर सभागृह में आयोजित की। विधान परिषद की उप सभापती डॉ। नीलम गोर्हे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गन्ना कटाई मजदूर महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
डॉ। गोर्हे ने बताया कि राज्य समिति के काम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही जिला स्तरीय समितियों के कार्यक्षेत्र और स्वरूप को तय किया जाएगा। इन समितियों के माध्यम से पिछले तीन वर्षों में हुई गर्भाशय सर्जरी की जांच की जाएगी, यह पता लगाया जाएगा कि निजी अस्पतालों द्वारा अनावश्यक ऑपरेशन तो नहीं किए गए और ऐसी सर्जरी रोकने के लिए उपाय सुझाए जाएंगे।
महिला मजदूरों में स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर
बैठक में यह भी तय किया गया कि गन्ना कटाई में लगी महिला मजदूरों के बीच स्वास्थ्य से संबंधित व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ इन महिलाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही मुफ्त सैनिटरी नैपकिन वितरण और प्रवासी मजदूरों के साथ आने वाले लगभग 5,000 बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
सम्बंधित ख़बरें
Bullet Train Project ने पकड़ी रफ्तार, देश की पहली अंडर सी टनल के लिए मशीनों ने संभाला मोर्चा
बांद्रा पूर्व की सियासी जंग: किरीट सोमैया को दिखे बांग्लादेशी, तो जीशान को मासूम… महायुति में तालमेल की कमी?
Bhandup Water Treatment Project पर सवाल, सलाहकार नियुक्ति का प्रस्ताव स्थायी समिति में रद्द
महाराष्ट्र में मातृ-शिशु मृत्यु पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, हर मौत की होगी गहन जांच
ये भी पढ़े: ठाणे, डोंबिवली सहित कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म विस्तार, मध्य रेल पर ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक
बीड जिले का ‘मिशन साथी’ बना मिसाल
बीड जिला परिषद द्वारा शुरू किया गया ‘मिशन साथी’ उपक्रम इस बैठक में विशेष रूप से सराहा गया। इस पहल के तहत जिले में 770 आरोग्य साथी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से 446 का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। डॉ। गोर्हे ने अन्य जिलों को भी इस मॉडल को अपनाने की सलाह दी।
आगे की राह
डॉ। गोर्हे ने बताया कि शीघ्र ही सहकार विभाग, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग, ग्राम विकास विभाग और विधि एवं न्याय विभाग के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य और महिला क्षेत्र में कार्यरत सामाजिक संगठनों से भी सुझाव प्रस्तुत करने की अपील की। बैठक में आमदार नमिता मुंदडा, स्वास्थ्य सेवा संचालक डॉ। विजय कंदेवाड, यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ। मंगेश गढरी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
