महाराष्ट्र में बारिश-बाढ़ से हाहाकार, मुंबई-नांदेड़ में मची तबाही, मराठवाड़ा में 7 की मौत

Maharashtra Flood News: भारी बारिश ने महाराष्ट्र के कई जिलों में तबाही मचाई है। मुंबई जहां पानी-पानी हो गई, वहीं नांदेड़ में बारिश ने बाढ़ के हालात हैं। मराठवाड़ा में 7 की मौत हो गई।
Maharashtra Rain Mumbai Nanded flood 7 dead in Marathwada
नांदेड़ में नदी आयी बाढ़ (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Rain News: महाराष्ट्र के कई जिलों समेत मुंबई में शनिवार से जारी आफत की बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सोमवार को भी भारी बारिश ने राज्य के कई जिलों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। मुंबई जहां पानी-पानी हो गई, वहीं नांदेड़ में बारिश ने बड़ी तबाही मचाई। मराठवाड़ा में भारी वर्षा ने 7 की जान ले ली। कुछ इलाकों में सेना को मदद के लिए बुलाया गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई व ठाणे में 48 घंटों के लिए रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

मुंबई में लगभग 6 घंटे में 170 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वर्सोवा में सर्वाधिक 196 मिमी बारिश हुई। कई इलाकों में जलजमाव होने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। कई इलाकों में घरों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। लोकल ट्रेनें बंद नहीं हुईं, लेकिन उनकी गति धीमी रही। भारी बारिश की आशंक को देखते हुए एहतियातन आज मुंबई, ठाणे और पालघर जिले में सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

स्कूलों और कॉलेज में छुट्टी

मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई व ठाणे में 48 घंटों के लिए रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने सोमवार को मुंबई के स्कूल और कॉलेजों में दोपहर 12 बजे के बाद होने वाले सत्र के लिए अवकाश घोषित कर दिया। सभी स्कूलों व कॉलेजों में छात्रों को अपने घर लौट जाने के निर्देश जारी कर दिए गए। इसी तरह मुंबई में सरकारी कर्मचारियों को भी शाम 4 बजे घर जाने के निर्देश जारी किए गए।

लातूर और नांदेड़ में 7 लोग बहे

लातूर-मुकरमाबाद-देगलूर मार्ग पर 2 गाड़ियों और एक ऑटो-रिक्शा में सवार 7 यात्री नांदेड़ जिले के मुखेड़ तालुका में लेंडी नदी में बह गए। लातूर और नांदेड़ जिला प्रशासन द्वारा तलाशी अभियान शुरू करने के बाद प्रशासन 7 में से 3 को बचाने में सफल रहा है। बह गए यात्रियों की तलाश जारी है।

बाढ़ के पानी में बह गए चार लोगों की जानकारी प्रशासन के पास नहीं है, लेकिन बचाए गए तीन लोगों में नारायण (गौड़गांव, कर्नाटक), आसिफ शेख (उदगीर, लातूर) और मो. शोएब (निजामाबाद, तेलंगाना) शामिल हैं।

उदगीर के उप-विभागीय अधिकारी सुशांत शिंदे ने बताया कि बाढ़ के पानी में बह गए लोगों में 3 महिलाएं और एक पुरुष है। सभी निजामाबाद के निवासी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे स्वयं नांदेड़ जिला कलेक्टर के लगातार संपर्क में हैं।

एनडीआरएफ ने चलाया बचाव अभियान

नांदेड़ ज़िले के मुखेड़ तालुका के हसनल समेत कई गांव जलमग्न हो गए हैं। हसनल में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लापता हैं। एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान में जुटी हुई है। एसडीआरएफ के एक जवान ने बताया कि हमने चार नावों की मदद से बचाव अभियान चलाया। अभियान के दौरान, हमने तीन-चार गांवों को कवर किया और अब तक लगभग 275 लोगों को बचाने में कामयाब रहे। हसनल गाँव की तलाशी के दौरान, हमें लगभग 3 शव मिले, जिन्हें मेडिकल जांच के लिए सौंप दिया गया है।

मराठवाड़ा में सबसे ज्यादा नुकसान

सूबे के मराठवाड़ा में बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन करने के आदेश दिए गए हैं। बीड, लातूर और नांदेड़ में बाढ़ की स्थिति है। राज्य में चार लाख हेक्टेयर भूमि पर फसलें प्रभावित हुई हैं। लगभग 800 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। अमरावती में भी बाढ़ की स्थिति है।

लोगों को बचाने के प्रयास

सीएम देवेन्द्र फडणवीस के कार्यालय ने एक्स पर जानकारी दी कि नांदेड़ जिले के मुखेड़ तालुका में भारी बारिश के कारण लेंडी बांध का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके अलावा, लातूर, उदगीर और कर्नाटक से भी भारी मात्रा में पानी आ रहा है। रविवार को यहां लगभग 206 मिमी बारिश हुई। इसके कारण रावनगांव, भसवाड़ी, भिंगेली, हसनाल में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

रावनगांव में 225 नागरिक बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं, जिनमें से सबसे अधिक प्रभावित स्थानों से नागरिकों को निकाल लिया गया है। शेष नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। हसनाल में 8 नागरिकों को निकाला गया है, जबकि भसवाड़ी में 20 नागरिक फंसे हुए हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं। भिंगेली में 40 नागरिक फंसे हुए हैं, वे सुरक्षित हैं।

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