Rupali Chakankar POSH directiv (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News: कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने महत्वपूर्ण पहल की है। आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी और निजी कार्यालयों में गठित आंतरिक शिकायत समितियों (ICC) का एक महीने के भीतर ऑडिट कराया जाए।
यह कदम कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 यानी POSH कानून के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस कानून के तहत हर संस्थान में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निपटारे के लिए आंतरिक समिति बनाना अनिवार्य है।
आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार निरीक्षण और प्राप्त शिकायतों में कई कमियां उजागर हुई हैं। कई कार्यालयों में समितियां बनी ही नहीं हैं, कुछ केवल कागजों पर मौजूद हैं, सदस्यों को प्रशिक्षण नहीं मिला है और वार्षिक रिपोर्ट भी नियमित जमा नहीं की जा रही है। कई जगह सूचना बोर्ड भी अनुपस्थित पाए गए।
आयोग ने अधिकारियों से कहा है कि प्रत्येक कार्यालय की विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट तैयार की जाए। इसमें समिति की संरचना, प्राप्त और लंबित शिकायतें, की गई कार्रवाई, जागरूकता कार्यक्रम, वार्षिक रिपोर्ट और डिस्प्ले बोर्ड की स्थिति का पूरा विवरण शामिल होना चाहिए। जहां समिति गठित नहीं है या अधूरी है, वहां तुरंत गठन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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आयोग ने स्पष्ट किया है कि कानून का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सभी संभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को 30 दिन के भीतर आयोग को रिपोर्ट सौंपनी होगी। चाकणकर ने कहा कि इस ऑडिट से यह आकलन हो सकेगा कि महाराष्ट्र में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और संरक्षित कार्य वातावरण मिल रहा है या नहीं।