13,600 करोड़ की कर्जमाफी से 16.96 लाख किसानों को राहत, महाराष्ट्र में अहिल्यादेवी होलकर योजना का पहला चरण शुरू
Maharashtra Farmer Loan Waiver: महाराष्ट्र सरकार ने 'अहिल्यादेवी होलकर कर्जमुक्ति योजना 2026' के पहले चरण में ₹13,600 करोड़ की कर्जमाफी को दी मंजूरी। 16.96 लाख किसानों को मिलेगा लाभ।
- Written By: रूपम सिंह
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Ahilyadevi Holkar Farmer Loan Waiver: महाराष्ट्र के लाखों कर्जग्रस्त किसानों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना-2026’ के तहत पहले चरण में 13,600 करोड़ रुपये की कर्जमाफी को मंजूरी दी है। इस चरण में 16 लाख 96 हजार किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। पात्र किसानों के खातों में आधार सत्यापन पूरा होते ही कर्जमाफी की राशि सीधे जमा की जाएगी।
राज्य के सहकार आयुक्त दीपक तावरे ने पत्रकार परिषद में बताया कि 25 जुलाई को पहली लाभार्थी सूची जारी की गई है, जिसमें 16।96 लाख किसानों को शामिल किया गया है। इनमें से करीब 4 लाख किसानों का आधार सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि शेष किसानों का सत्यापन अगले कुछ दिनों में पूरा किया जाएगा।
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही संबंधित किसानों के कर्ज खातों में कर्जमाफी की राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत दूसरी लाभार्थी सूची अगस्त के दूसरे सप्ताह में जारी की जाएगी, जिससे और अधिक पात्र किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिल सकेगा।
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2 लाख रुपये तक के बकाया ऋण को प्राथमिकता
कर्जमाफी के पहले चरण में 2 लाख रुपये तक के बकाया फसल ऋण वाले खातों को शामिल किया गया है। 2 लाख रुपये से अधिक के ऋण तथा अन्य पात्र खातों को आगामी सूचियों में शामिल किया जाएगा।
NPA खातों को भी राहत
वाणिज्यिक बैंकों के एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) खातों के लिए भी विशेष समझौता योजना लागू की गई है। बकाया अवधि के अनुसार किसानों को 35 से 85 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। साथ ही बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि 1 अप्रैल के बाद अतिरिक्त ब्याज न वसूला जाए।
ई-केवाईसी को लेकर भी असमंजस
योजना का लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। हालांकि कई किसानों में यह भ्रम फैल गया है कि ई-केवाईसी करने के बाद सूची में दिखाई गई कम राशि ही अंतिम मानी जाएगी। इसी वजह से कुछ किसान ई-केवाईसी कराने में भी हिचकिचा रहे हैं।
इन शंकाओं के कारण राष्ट्रीयकृत बैंकों और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों की शाखाओं में बड़ी संख्या में किसान जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। हालांकि बैंक कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें भी सरकार की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं, इसलिए वे किसानों को स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ हैं।
नाम नहीं होने पर शिकायत दर्ज कराएं
प्रशासन ने अपील की है कि जो किसान पात्र होने के बावजूद सूची में शामिल नहीं हैं, वे जिला स्तरीय समिति या संबंधित तहसीलदार कार्यालय में शिकायत आवेदन जमा करें। सरकार का कहना है कि सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
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राष्ट्रीयकृत बैंकों को कृषि मंत्री के सख्त निर्देश
महाराष्ट्र सरकार की किसान कर्जमाफी योजना के पहले चरण में 16।96 लाख किसानों को शामिल किया गया है। इस बीच राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा बकाया ऋण, व्याज और ई-केवाईसी प्रक्रिया में विसंगतियां बताकर किसानों को परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आने पर कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं।
जिला सहकारी बैंकों में विशेष समस्या नहीं है लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंकों को लेकर किसानों की शिकायतें मिल रही हैं। सरकार ने राष्ट्रीयकृत बैंकों, सहकारी बैंकों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
गुलाबराव के बयान पर सियासी घमासान
राकांपा (अजीत पवार) के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे गुलाबराव पाटिल के बचाव में सामने आए हैं दरअसल, गुलाबराव पाटिल ने कहा था कि यदि बिजली उपलब्ध नहीं होगी तो राज्य में नए उद्योग नहीं आएंगे ऐसे में अगर किसानों को कुछ समय के लिए थोड़ी परेशानी भी उठानी पड़े तो उसे सहन किया जा सकता है।
उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने सरकार को किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए घेरा विवाद बढ़ने के बाद कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि गुलाबराव पाटिल के बयान का गलत अर्थ निकाला गया है।
2 लाख का कर्ज, माफी सिर्फ 1.20 लाख : दानवे
विधानसभा में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने आरोप लगाया है कि कई किसानों के पूरे कर्ज के बजाय कम राशि को ही कर्जमाफी के लिए मंजूरी दी गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया कि बाकी बची हुई कर्ज की रकम कौन भरेगा।
दानवे ने छत्रपति संभाजीनगर जिले के कन्नड़ तालुका के चिकलठाणा गांव के किसान लक्ष्मीकांत खरे का उदाहरण देते हुए कहा कि किसान पर 2 लाख 6 हजार 602 रुपये का कर्ज है, जबकि सरकार की जारी कर्जमाफी सूची में केवल 1 लाख 20 हजार 561 रुपये ही स्वीकृत दिखाए गए हैं। उन्होंने पूछा कि शेष राशि का भुगतान कौन करेगा और सरकार इस पर स्पष्ट जवाब दे।
