CM फडणवीस ने यवतमाल को दी बड़ी सौगात, 570 करोड़ की जिला वार्षिक योजना को मिली अंतिम मंजूरी

Yavatmal Development Fund: यवतमाल जिले को विकास गति देने हेतु राज्य सरकार ने सामान्य जिला योजना के लिए 570 करोड़ मंजूर किए। गाभा क्षेत्र को सर्वाधिक निधि, पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष फोकस होगा।
The state government has approved a 570 crore budget for Yavatmal's annual plan. It includes an additional 98.42 crore hike and special funds for Pusad and Jhari Jamani tehsils.
CM फडणवीस ने यवतमाल को दी बड़ी सौगात (सौ.नवभारत)
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Yavatmal District Annual Plan News: यवतमाल जिले के विकास को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने सामान्य जिला वार्षिक योजना के लिए 570 करोड़ रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की है। यह मंजूरी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में दी गई। निर्धारित अधिकतम वित्तीय सीमा से 98 करोड़ 42 लाख रुपये की अतिरिक्त वृद्धि को भी मंजूरी दी गई है।

इससे पहले नवंबर 2025 में जिले को 471 करोड़ 58 लाख रुपये की अधिकतम वित्तीय सीमा प्राप्त हुई थी। इसके आधार पर प्रारूप योजना तैयार कर 5 फरवरी को जिला नियोजन समिति की बैठक में अनुमोदित की गई थी। इसके बाद 11 फरवरी को हुई राज्य स्तरीय बैठक में पालकमंत्री संजय राठोड़ और जिलाधिकारी विकास मीना ने जिले के लिए 175 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निधि की मांग रखी थी।

इनमें से 98 करोड़ 42 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि को स्वीकृति मिली। आकांक्षित तहसील कार्यक्रम के अंतर्गत पुसद और झरीजामणी तहसील के लिए 5-5 करोड़ रुपये, यानी कुल 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्यों को गति मिलेगी।

सर्वाधिक 373 करोड़ रुपये 'गाभा' क्षेत्र के लिए

  • स्वीकृत 570 करोड़ रुपये में से 373 करोड़ 10 लाख रुपये गाभा' क्षेत्र के लिए, 170 करोड़ 4 लाख रुपये 'बिगरगाभा' क्षेत्र के लिए तथा 5 प्रतिशत यानी 26 करोड़ 84 लाख रुपये अन्य क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए है।
  • अन्य क्षेत्रों में 3.5 प्रतिशत (18 करोड़ 79 लाख रुपये) नवाचार योजनाओं के लिए, 1 प्रतिशत (5 करोड़ 36 लाख रुपये) सतत विकास लक्ष्यों के लिए तथा 2 करोड़ 68 लाख रुपये मूल्यांकन एवं निगरानी के लिए निर्धारित किए गए है।
  • सरकार के निर्देशानुसार शालेय शिक्षा विभाग के लिए न्यूनतम 5 प्रतिशत, महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 3 प्रतिशत, संरक्षित गढ़, किले व मंदिरों के लिए 3 प्रतिशत, गृह (पुलिस व कारागार) विभाग के लिए 3 प्रतिशत
  • राजस्व विभाग के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत, दिव्यांग कल्याण विभाग के लिए 1 प्रतिशत तथा खेल विभाग के लिए 1 प्रतिशत निधि आरक्षित रखी गई है। इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु 33 करोड़ 2 लाख रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है।
क्षेत्र/विभाग आवंटित राशि (करोड़ में) विवरण
गाभा क्षेत्र (Core Sector) ₹373.10 कृषि, ग्रामीण विकास आदि
बिगरगाभा (Non-Core Sector) ₹170.04 अन्य विभागीय कार्य
शहरी बुनियादी ढांचा ₹33.02 नगर पालिका क्षेत्रों के लिए
नवाचार योजनाएं ₹18.79 नई और आधुनिक परियोजनाओं हेतु
आकांक्षित तहसील ₹10.00 पुसद और झरीजामणी (5-5 करोड़)
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