मुंबई की ‘ग्रीन लंग्स’ पर सरकार का बड़ा फैसला! संजय गांधी नेशनल पार्क ESZ मास्टर प्लान को मिली अंतिम मंजूरी
SGNP ESZ Plan: महाराष्ट्र सरकार ने संजय गांधी नेशनल पार्क के लिए ESZ मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है। अब पार्क के आसपास निर्माण और मानवीय गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण रहेगा।
- Written By: आकाश मसने
संजय गांधी नेशनल पार्क बोरीवली (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sanjay Gandhi National Park News: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के बीचों-बीच स्थित संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। राजस्व और वन विभाग ने बोरीवली के इस विशाल नेशनल पार्क के लिए एनवायरनमेंट सेंसिटिव जोन (ESZ) मास्टर प्लान को अंतिम मंजूरी देते हुए शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार का यह कदम शहर के बढ़ते कंक्रीट के जंगल और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
क्या है इस मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य?
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पहले ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत नेशनल पार्क के आसपास के क्षेत्र को इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) घोषित किया था। अब स्वीकृत किए गए मास्टर प्लान का मुख्य लक्ष्य इस क्षेत्र में होने वाले बेकाबू शहरीकरण को रोकना और पार्क की बायोडायवर्सिटी (जैव विविधता) की रक्षा करना है।
बीएमसी आयुक्त और संबंधित कमेटी द्वारा तैयार किए गए इस प्लान को नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड की गाइडलाइंस के अनुसार तैयार किया गया है। यह प्लान सुनिश्चित करेगा कि विकास कार्यों के नाम पर प्रकृति के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
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निर्माण और मानवीय गतिविधियों पर रहेगा कड़ा पहरा
इस प्लान के लागू होने के बाद, नेशनल पार्क के संवेदनशील दायरे में किसी भी तरह का निर्माण कार्य या मानवीय गतिविधि अब पूरी तरह से रेगुलेट होगी। यदि भविष्य में इस प्लान में कोई भी छोटा या बड़ा बदलाव करना होगा, तो उसके लिए महाराष्ट्र सरकार और पर्यावरण विशेषज्ञों की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस प्लान का ड्राफ्ट तैयार करने से पहले आम जनता, पर्यावरणविदों और संगठनों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई थीं, ताकि विकास और संरक्षण के बीच एक सटीक संतुलन बनाया जा सके।
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हरित क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के इस फैसले से न केवल जंगली जानवरों के प्राकृतिक आवास सुरक्षित होंगे, बल्कि मुंबई के गिरते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को सुधारने में भी मदद मिलेगी। हरित क्षेत्र के विकास पर जोर देने के साथ ही यह मास्टर प्लान स्थानीय लोगों की बुनियादी जरूरतों का भी ध्यान रखता है, लेकिन प्राथमिकता पर्यावरण की सुरक्षा को दी गई है।
