जालना में आवारा कुत्तों का आतंक, बच्चों के बाद अधिकारी भी शिकार; कार्रवाई की मांग तेज
Jalna Stray Dog Menace: जालना में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मनपा इंजीनियर पर हमले के बाद नसबंदी अभियान और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
आवारा कुत्ते, जालना मनपा,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Jalna Dog Attack News: जालना शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब बेहद गंभीर समस्या बनती जा रही है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम नागरिकों के बाद अब मनपा का एक इंजीनियर भी कुत्ते के हमले का शिकार हो गया है। इस घटना के बाद स्टीलनगरी में स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली व आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान की धीमी गति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। शहरवासियों ने आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है।
बच्चों और बुजुर्गों को अधिक खतरा प्रभाग क्रमांक 9 सहित सोनल नगर, नीलम नगर, इनकम टैक्स कॉलोनी व मस्तगढ़ क्षेत्र में
आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में सड़क पर निकलना भी बेहद जोखिम भरा हो गया है। कुत्तों के झुंड राह चलते लोगों, चच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं।
हाल ही में एक ही परिवार की 2 मासूम बच्चियों को कुत्तों ने काटकर गंभीर रूप से चोटिल कर दिया था। इस घटना को लोग अभी भूले नहीं थे कि अब मनपा के एक इंजीनियर पर कुत्ते ने हमला कर दिया। घायल अधिकारी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना से लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।
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बच्चे-बुजुर्गों को अधिक खतरा
नागरिकों का आरोप है कि मनपा का नसबंदी अभियान बेहद धीमी गति से चल रहा है।
जिस तेजी से आवारा कुत्तों को संख्या बढ़ रही है, उसके मुकाबले प्रशासन की कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है।
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कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा।
महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति संध्या संजय देठे ने कहा कि यदि मनपा के अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की स्थिति समझी जा सकती है। उन्होंने बताया कि प्रशासन से लगातार संपर्क कर नसबंदी अभियान को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
