सरकारी और निजी स्कूलों का होगा ऑडिट, शिक्षा मंत्री का ऐलान, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर जोर

Dada Bhuse: महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी और निजी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं और अनुदानित विद्यालयों का ऑडिट करने का निर्णय लिया है।
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(Dada Bhuse सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra School Audit: राज्य के सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ निजी शैक्षणिक संस्थाओं में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे ने विधानसभा में बताया कि अब सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के स्कूलों के साथ अनुदानित विद्यालयों का भी ऑडिट किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य स्कूलों में वास्तविक शैक्षणिक गुणवत्ता का आकलन कर आवश्यक सुधार करना है।

मनपा स्कूलों की हालत खराब

विधायक रईस शेख द्वारा भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर उठाए गए सवाल पर मंत्री भूसे ने कहा कि कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है और कुछ मनपा विद्यालयों की इमारतें जर्जर हालत में हैं।

ड्रॉपआउट कम करने पर जोर

सरकार स्कूलों में छात्रों के ड्रॉपआउट को कम करने के लिए विशेष उपाय करेगी। यदि स्थानीय संस्थाएं मांग करती हैं तो 9वीं और 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई शुरू करने और आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी जाएगी। मंत्री भूसे ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में अधिक निवेश की आवश्यकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ चर्चा कर अतिरिक्त निधि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने बताया कि भिवंडी-निजामपुर में 97 महानगरपालिका स्कूल संचालित हैं। इनमें से कुछ इमारतों को खतरनाक घोषित किए जाने के कारण छात्रों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है, जबकि अन्य स्कूलों में दो सत्रों में पढ़ाई जारी है। कई स्कूलों के नवीनीकरण और मरम्मत के लिए निधि स्वीकृत की गई है और कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही, महानगरपालिकाओं के लिए शिक्षा हेतु अलग फंड निर्धारित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

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