
राज ठाकरे व चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Election Commission Response On Ink Controversy: महाराष्ट्र में जारी नगर निगम चुनावों के बीच मतदान की शुचिता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने चुनाव में इस्तेमाल होने वाली स्याही और ‘मार्कर पेन’ को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इन आरोपों पर महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सख्त रुख अपनाया है।
राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि मतदाता की उंगली से स्याही मिटाने का कोई भी प्रयास या इस संबंध में भ्रम पैदा करना एक गंभीर ‘चु चुनावी अनियमितता’ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति अपनी उंगली से स्याही मिटाने के बाद दोबारा मतदान करने का प्रयास करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव आयोग ने तकनीकी पहलुओं को साझा करते हुए बताया कि केवल स्याही मिटा लेना दोबारा मतदान की गारंटी नहीं है। आयोग के अनुसार मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम पहले से मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एक बार जब मतदाता वोट डाल देता है, तो उसका पूरा रिकॉर्ड ‘फॉर्म 17A’ और आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज हो जाता है। चुनावी प्रक्रिया में डिजिटल और फिजिकल रिकॉर्ड्स का मिलान किया जाता है, जिससे स्याही मिटाकर दोबारा मतदान करना नामुमकिन हो जाता है।
VIDEO | On Maharashtra civic body elections, State Election Commissioner Dinesh T Waghmare says, “In the municipal corporation elections, a kind of misinformation is being spread that the marker pen provided by the election authorities contains indelible ink that can be removed.… pic.twitter.com/5wuNEk20io — Press Trust of India (@PTI_News) January 15, 2026
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राज ठाकरे के मार्कर पेन वाले दावे के बाद पैदा हुए विवाद को देखते हुए, चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों और संबंधित अधिकारियों को फिर से दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने सभी दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों को सतर्क रहने को कहा है ताकि किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे।
दिनेश वाघमारे ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखें। उन्होंने दोहराया कि आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी अप्रिय घटना या धोखाधड़ी की कोशिश पर कानून अपना काम करेगा।






