
दिनेश वाघमारे (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र में मनपा (निकाय) चुनाव के जल्द घोषित होने की संभावना है। इस बीच चुनाव आयोग के संबंध में एक बड़ी जानकारी सामने आई है। राज्य को नया चुनाव आयुक्त मिलने वाला है। अक्टूबर 2024 से यह पद रिक्त है। अब यहां नई नियुक्ति होने जा रही है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव रैंक के अधिकारी दिनेश वाघमारे राज्य चुनाव आयोग के नए आयुक्त बनेंगे। मिली जानकारी के अनुसार मंत्रिपरिषद से चयन की शक्ति मिलने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिनेश वाघमारे को राज्य का नया चुनाव आयुक्त बनाने की सिफारिश राज्यपाल से की थी। सीएम फडणवीस के सुझाव को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है।
आईएएस दिनेश वाघमारे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1994 बैच के अधिकारी हैं। वह 29 वर्षों से भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत हैं। वह राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। उन्होंने पहली बार 1996 में रत्नागिरी जिले के सहायक जिला कलेक्टर का पद संभाला था। वह राज्य के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। वित्त, भूमि, ऊर्जा आदि विभागों में कई परियोजनाएं उनके नेतृत्व में पूरी हुई हैं।
दिनेश वाघमारे 1994 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। उन्होंने महाराष्ट्र राज्य विद्युत ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (महापारेषण) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। वह सामाजिक न्याय विभाग के प्रधान सचिव हैं। आईएएस अधिकारी वाघमारे के पास प्रबंधन और प्रशासन में 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से BE (इलेक्ट्रॉनिक्स) किया है। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से कम्प्यूटर साइंस में एम. टेक और इंग्लैंड की ब्रैडफोर्ड यूनिवर्सिटी से डेवलपमेंट एंड प्रोजेक्ट प्लानिंग में एमएससी किया है।
बता दें कि इससे पहले उरविंदर पाल सिंह मदान महाराष्ट्र के चुनाव आयुक्त थे। वे 5 सितंबर 2019 से इस पद पर थे और 7 अक्टूबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए। उरविंदर पाल सिंह मदान की जगह अब दिनेश वाघमारे लेंगे।
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इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि “दिनेश वाघमारे 20 जनवरी 2025 या उसके बाद उनके द्वारा अपना कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया जाता है। दिनेश वाघमारे उक्त पद का कार्यभार संभालने की तिथि से 5 वर्ष की अवधि तक पद पर बने रहेंगे तथा पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होंगे।






