चीज एनालॉग पर महाराष्ट्र सरकार सख्त, नियमों के सख्ती से पालन के निर्देश
Narhari Zirwal News: महाराष्ट्र सरकार ने ‘चीज एनालॉग’ के उपयोग को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। होटल, रेस्तरां और खाद्य विक्रेताओं को अब मेन्यू और बिल में ‘चीज एनालॉग’ का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
Cheese Analog (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Maharashtra Food Department News: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल ने सभी विभागीय खाद्य सह-आयुक्तों को ‘चीज एनालॉग’ के संबंध में नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। नए नियमों के अनुसार अब राज्य के सभी होटलों, रेस्तरां, भोजन आपूर्तिकर्ताओं और खाद्य विक्रेताओं के लिए बिक्री रसीद, मेन्यू कार्ड और रेट बोर्ड पर ‘चीज एनालॉग’ या ‘डेयरी अल्टरनेटिव’ का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया गया है।
1 मई 2026 से लागू किए गए इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इस नए नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरे राज्य में एक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के पहले दस दिनों के भीतर राज्यभर के 275 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कुल 1 हजार 496 प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण किया।
कारण बताओ नोटिस जारी
इस जांच के दौरान 871 प्रतिष्ठानों में नियमों के अनुसार ‘चीज एनालॉग’ का स्पष्ट उल्लेख पाया गया। वहीं दूसरी ओर, नियमों की अनदेखी करने वाले 320 प्रतिष्ठानों को प्रशासन द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई मुंबई, कोंकण, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और अमरावती जैसे प्रमुख विभागों में की गई है।
सम्बंधित ख़बरें
गेटवे से नहीं हटेगा बस स्टॉप, विस अध्यक्ष के सुझाव को बेस्ट समिति ने ठुकराया
बार-बार बढ़ जाता है गरीब नगर, अब रेलवे ने चलाया बुलडोजर, सैकड़ों झोपड़ों को ढहाया
ओबीसी समाज के विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध, योजनाओं को मिलेगा और बल, देवेंद्र फडणवीस ने जताया विश्वास
महाराष्ट्र बनेगा ‘संपन्न ऊर्जा’ राष्ट्र का आधार, 6.5 लाख करोड़ के निवेश से बनेगी 25 हजार मेगावाट अणुऊर्जा
उपभोक्ता सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से मिलावटखोरी पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा मजबूत होगी। अक्सर होटलों और रेस्तरां में पनीर के स्थान पर खाद्य तेल, स्टार्च और अन्य मिश्रणों से बने ‘चीज एनालॉग‘ का उपयोग किया जाता है, जो दिखने में बिल्कुल पनीर जैसा ही होता है। लेकिन इस नियम के बाद अब ग्राहकों को स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि ‘शाही पनीर’ जैसे व्यंजनों में असली पनीर का उपयोग हुआ है या चीज एनालॉग का।
ये भी पढ़े: महाराष्ट्र बनेगा ‘संपन्न ऊर्जा’ राष्ट्र का आधार, 6.5 लाख करोड़ के निवेश से बनेगी 25 हजार मेगावाट अणुऊर्जा
केंद्र ने लिया संज्ञान
महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इस अनूठे अभियान की सराहना केंद्र सरकार के भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भी की है। शुद्ध पनीर और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महाराष्ट्र द्वारा दिखाई गई यह दिशा अब पूरे देश के लिए मार्गदर्शक साबित होगी। इसके साथ ही प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कोई भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसके लेबल को ध्यान से पढ़ें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर टोल-फ्री नंबर 1800-222-365 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
