जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव के बदले नियम, फडणवीस कैबिनेट ने अध्यादेश को दी मंजूरी, क्या होगा असर ?
Maharashtra News: महाराष्ट्र कैबिनेट ने जिला परिषद व पंचायत समिति चुनावों से जुड़े 1961 कानून में संशोधन का अध्यादेश मंजूर किया। अब नामांकन पर निर्वाचन अधिकारी का फैसला अंतिम होगा।
- Written By: आकाश मसने
सीएम देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे व अजित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Zilla Parishad Panchayat Samiti Election Amendment : महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को समय पर सुनिश्चित करने के लिए ‘महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (संशोधन) अध्यादेश 2025’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह फैसला लिया गया, जिससे चुनावी प्रक्रिया तेज होगी और समयबद्ध तरीके से चुनाव संपन्न कराए जा सकेंगे।
क्या होगा असर?
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों से जुड़े 1961 के कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश लागू करने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अध्यादेश का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव निर्धारित वक्त पर संपन्न कराए जा सकें।
आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम 1961 में संशोधन से जुड़े अध्यादेश 2025 को लागू करने की स्वीकृति दी है। इस संशोधन के तहत, नामांकन पत्रों को स्वीकार करने या ठुकराने के संबंध में निर्वाचन अधिकारियों के निर्णय को अंतिम माना जाएगा।
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चुनाव टलने की समस्या को किया गया दूर
यह संशोधन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम 1961 की धारा 14(2) के मौजूदा प्रावधान के तहत, उम्मीदवारों के पास जिला अदालतों में अपील दायर करने का अधिकार था। हालांकि, विभिन्न जिला अदालतों में इस तरह की कई अपीलें लंबे समय तक विचाराधीन रहती थीं। इसके कारण, कई बार चुनाव निर्धारित समय सीमा के भीतर नहीं कराए जा सके। इसी समस्या के मद्देनजर, राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार से सिफारिश की थी कि अपील संबंधी इस प्रावधान को हटा दिया जाए।
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राज्य सरकार को नियम बनाने का अधिकार
नए अध्यादेश में कहा गया है कि संशोधन राज्य सरकार को ऐसे चुनावों के लिए नियम बनाने का अधिकार देता है। अधिकारियों के मुताबिक, यह अध्यादेश ऐसे समय में लागू किया गया है, जब महाराष्ट्र में पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव होने हैं। यह कदम समयबद्ध तरीके से चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के उद्देश्य से लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि राज्य की 336 पंचायत समितियों और 32 जिला परिषदों के चुनाव अगले साल 31 जनवरी तक संपन्न करा लिए जाएं। नए प्रावधानों से उम्मीद है कि चुनावों में अनावश्यक कानूनी देरी को खत्म किया जा सकेगा।
