फडणवीस कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले, सिडको और म्हाडा परियोजनाओं के लिए बनेगी नई नीति

Maharashtra Cabinet meeting: महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में भूमि उपयोग, आवास पुनर्विकास, भिक्षावृत्ति कानून संशोधन, कौशल विश्वविद्यालय और पुनर्वासन मामलों में महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए गए।
Maharashtra Cabinet Decisions
कैबिनेट की बैठक में मौजूद सीएम देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे व अजित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में आज कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के शहरी विकास, आवास, पुनर्वास, कौशल विकास और विधि सुधारों को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन नीतियों से भूमि उपयोग, आवास उपलब्धता, पुनर्वास प्रक्रिया, कौशल शिक्षा और कानूनी संशोधनों में व्यापक सुधार होने की उम्मीद है।

नगरीय विकास विभाग द्वारा सिडको सहित राज्य के विभिन्न प्राधिकरणों को भूमि उपयोग के उचित निर्धारण पर जोर दिया गया है। सरकार ने अवधारणा-आधारित प्रतिष्ठित शहर विकास नीति की घोषणा की, जिसके तहत प्राधिकरण एकीकृत कॉलोनियों और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक क्षेत्रों का विकास कर सकेंगे। साथ ही, भूमि बैंक के उपयोग को प्रभावी बनाने के लिए नई नीति लाई गई है, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता और गति आएगी।

म्हाडा परियोजनाओं के पुनर्विकास की नीति

आवास विभाग ने बृहन्मुंबई उपनगरों में स्थित 20 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली म्हाडा परियोजनाओं के पुनर्विकास को मंजूरी दी है। इस फैसले से मुंबई और उपनगरीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किफायती आवास उपलब्ध होंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम शहरी आवास संकट कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भूमि अधिग्रहण मामलों के निपटारे को मिलेगी तेजी

राहत एवं पुनर्वास विभाग ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए नए पद सृजित किए हैं। इससे भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की धारा 64 के तहत लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। पारदर्शिता और उचित प्रतिकर सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रतन टाटा महाराष्ट्र कौशल विवि में 339 नए पद

कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग ने रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय के लिए 339 पदों को मंजूरी दी है। इनमें 232 शैक्षणिक और 107 गैर-शैक्षणिक पद शामिल हैं। यह विस्तार राज्य में कौशल शिक्षा और प्रशिक्षण को नई दिशा देगा।

भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम से अपमानजनक शब्द हटेंगे

महिला एवं बाल विकास विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर महाराष्ट्र भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम, 1959 में संशोधन को मंजूरी दी है। धारा 9 और 26 से ‘कुष्ठ रोगी’ जैसे अपमानजनक शब्द हटाए जाएंगे, जो मानव गरिमा के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।

लोक न्यास अधिनियम में संशोधन

विधि एवं न्याय विभाग ने महाराष्ट्र लोक न्यास अधिनियम, 1950 में संशोधन को मंजूरी दी है, जिससे न्यासों के संचालन और पंजीकरण प्रक्रियाओं को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

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