महाराष्ट्र बजट पर छिड़ा सियासी घमासान, विपक्ष बोला- सिर्फ आंकड़ों और खोखले वादों का खेल, जानें किसने क्या कहा
Maharashtra Budget Opposition Reaction: महाराष्ट्र बजट पर विपक्ष का जोरदार हमला। उद्धव ठाकरे और कांग्रेस ने इसे 'आंकड़ों का खेल' और किसानों-महिलाओं के साथ 'धोखा' करार दिया।
- Written By: प्रिया जैस
हर्षवर्धन सपकाल-उद्धव ठाकरे-अबू आजमी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Budget 2026: महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुक्रवार को राज्य का बजट पेश किया गया। इस बजट को लेकर विपक्षी दल के नेताओं ने इसे जनता को धोखा देने और सिर्फ आंकड़ों का खेल करार दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह बजट विकसित महाराष्ट्र 2047 का सपना दिखाने का एक तरीका है, जबकि वर्तमान के ज्वलंत मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है। आम आदमी, किसानों से लेकर अल्पसंख्यकों तक, विपक्ष ने हर वर्ग के लिए इस बजट को बेहद निराशाजनक बताया है। आइए जानते हैं प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रियाएं।
कर्ज लेकर पटाखे फोड़ने वाला बजट
किसानों का सातबारा कोरा नहीं किया गया है। किसानों के साथ धोखाधड़ी की गई है। यह बजट कर्ज लेकर पटाखे फोड़ने जैसा है। लाडली बहनों को 2100 रुपये नहीं दिए गए। सबको पता चल जाएगा कि इस आर्थिक तंगी से किसी की जिंदगी में कोई फर्क नहीं पड़ा है। शब्दों का खेल खेला गया है। क्या मौजूदा कर्ज माफी 2047 तक पूरी हो जाएगी?
– उद्धव ठाकरे, पक्षप्रमुख- शिवसेना (यूबीटी)
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आंकड़ों और खोखले वादों का खेल
असल में राज्य दिवालिया होने की ओर बढ़ रहा है। तीसरी और चौथी मुंबई, शक्ति पीठ हाईवे अडानी अंबानी के फ़ायदे के लिए हैं। आम लोगों के लिए बजट में कोई जगह नहीं है। विकसित महाराष्ट्र 2047′ का गुलाबी सपना दिखाकर लाडली बहनों को धोखा दिया गया है।
– हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष
केवल मुंबई, ठाणे, पुणे पर फोकस
यह बजट सिर्फ शब्दों और आंकड़ों का खेल है, लोगों की आंखों में धूल झोंकी गई है। बजट ऐसा है कि शादियां आज तय हो रही है और बच्चे 2047 में पैदा होंगे। यह पूरे महाराष्ट्र के लिए नहीं बल्कि केवल मुंबई और एमएमआर क्षेत्र के लिए लगता है। सारा जोर पुणे, ठाणे और मुंबई की परियोजना पर दिया गया है। बाकी महाराष्ट्र को हवा में छोड़ दिया गया है।
– विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस नेता
जनता को गुमराह करने वाला बजट
यह जनता को धोखा देने वाला बजट है। एक साल के महाराष्ट्र बजट में 20 साल बाद के सपने दिखाए गए हैं। साल 2047 का सपना दिखा कर वर्तमान के ज्वलंत मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है। ग्रामीणा अर्थव्यवस्था के लिए कुछ नहीं है। यह बजट उद्योगपतियों और ठेकेदारों के लिए है।
– शशिकांत शिंदे, प्रदेशाध्यक्ष एनससीपी (एसपी)
आम जनता के लिए कुछ नहीं
आम जनता के लिए कुछ नहीं है। केवल ठेकेदार खुश होंगे। साल 2047, 2050, 2080 की घोषणाएं की जा रही हैं। आज क्या चल रहा है, इस पर ध्यान नहीं है। आम लोग खुद को ठगे महसूस कर रहे हैं।
– आदित्य ठाकरे, विधायक – शिवसेना (यूबीटी)
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किसानों के साथ क्रूर मजाक
राज्य सरकार कहती है कि किसानों की आय 9 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी, लेकिन पिछले वर्ष राज्य की कृषि विकास दर 3.4 प्रतिशत तक कैसे गिर गई? किसानों का पूरा कर्ज माफ करने का वादा किया गया था। अब केवल 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण पर ही विचार क्यों किया जा रहा है? यह किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। कृषि आय को 55 अरब डॉलर से सीधे 500 अरब डॉलर तक ले जाने की घोषणा हास्यास्पद है। विदर्भ की सिंचाई परियोजनाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
– यशोमती ठाकुर, कांग्रेस नेता
बजट में अल्पसंख्यकों को कुछ नहीं
न शिक्षा के लिए कोई विशेष योजना है, न रोजगार के लिए कोई ठोस कदम और न ही उनके कल्याण के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान किया गया है। कई वर्षों से अलग-अलग समितियाँ और अल्पसंख्यकों को आरक्षण और विशेष सहायता देने की सिफारिश की जाती रही है, लेकिन आज तक उन सिफारिशों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
– अबू आसिम आजमी, विधायक सपा
