Mumbai: महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष कमजोर, नए जीआर से व्हिप की सुविधाएं खतरे में
Maharashtra Assembly में विपक्ष का नेता न होने के बीच नया सरकारी आदेश सामने आया है। 10% सीटों की शर्त के चलते विपक्षी पार्टियों के चीफ व्हिप और व्हिप अब कई सरकारी सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र विधान भवन (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra News In Hindi: महाराष्ट्र विधानसभा में पिछले तीन सेशन से विपक्ष का कोई नेता नहीं है। वहीं अब विपक्षी पार्टियों के प्रतोद (व्हिप) एक नए सरकारी आदेश के बाद अब तक मिलने वाली सुविधाएं खो सकते हैं।
बुधवार को जारी एक कंसोलिडेटेड सरकारी आदेश में राज्य विधानसभा में राजनीतिक पार्टियों के चीफ व्हिप और व्हिप के स्टेटस, सुविधाओं और मानदेय को स्टैंडर्ड बना दिया गया है।
जीआर में कहा गया है कि सदन की कुल संख्या के 10 परसेंट से कम सदस्य वाली विपक्षी पार्टियां एक चीफ व्हिप और एक व्हिप नियुक्त कर सकेंगी, लेकिन इन लोगों को राज्य द्वारा फंडेड सुविधाएं नहीं मिलेंगी, जिनके व्हिप हकदार हैं। इस बीच, स्पीकर ने अभी तक विपक्षी पार्टियों की विपक्ष का नेता नियुक्त करने की मांग स्वीकार नहीं की है।
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बीजेपी सरकार का यही रवैया रहा है-सचिन
- महाराष्ट्र असेंबली में 288 सदस्य है। सत्ताधारी गठबंधन में बीजेपी के 132 विधायक है, जबकि शिवसेना के 57 और अजीत पवार की राकां के 41 विधायक है। जबकि विपक्षी पार्टियों में, शिवसेना (यूबीटी) के 20 सदस्य, कांग्रेस के 16 और राकां शरद पवार गुट) के 10 सदस्य है।
- बाकी सीटों पर छोटी पार्टियों और निर्दलीयों का कब्जा है, किसी भी विपक्षी पार्टी के पास हाउस की कुल सीटों का 10 प्रतिशत हिस्सा नहीं है। पार्लियामेंट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी GR में 2018 और 2021 के पहले के ऑर्डर को एक साथ जोड़ा गया है।
- हालांकि चीफ क्षिप और हिप को कैबिनेट मिनिस्टर और मिनिस्टर ऑफ स्टेट का प्रोटोकॉल रैंक दिया जाता है, लेकिन वे असेंबली सेशन के दौरान सिर्फ टोकन मंथली ऑनरेरियम और लिमिटेड सुविधाओं के हकदार हैं। अधिकारियों ने कहा कि अगर कोई पार्टी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा नहीं करती है तो ये सुविधाएं तुरंत वापस ले ली जाएगी।
- महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि बीजेपी सरकार का यही रवैया रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह न केवल अपमानजनक है, बल्कि बीजेपी के ट्रैक रिकॉर्ड के हिसाब से इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है।
