जयंत पाटिल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Jayant Patil On Anganwadi Workers Salary: महाराष्ट्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की स्थिति को लेकर अब सियासत गरमा गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयंत पाटिल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पाटिल ने दावा किया है कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले तीन महीनों से मानदेय का अपना हिस्सा जारी नहीं किए जाने के कारण राज्य की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं।
जयंत पाटिल ने मंगलवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राज्य में बाल विकास, महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल और कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने में रीढ़ की हड्डी की तरह काम करती हैं। इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद, उन्हें अपने हक के पैसों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल के अनुसार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रति माह 13,000 रुपये मिलते हैं जिसमें केंद्र सरकार का योगदान 4,500 रुपए का होता है। वहीं सहायिकाओं को 7,500 रुपये का भुगतान किया जाता है, जिसमें केंद्र सरकार 3,500 रुपये देती है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार का यह हिस्सा पिछले तीन महीनों से वितरित नहीं किया गया है, जिससे राज्य भर में लगभग 1.5 लाख कार्यकर्ता प्रभावित हुए हैं।
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सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जयंत पाटिल ने तंज कसा कि राज्य में तथाकथित ‘डबल इंजन’ वाली सरकार चल रही है, लेकिन इसका मुख्य इंजन (केंद्र सरकार) पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने इसे प्रशासनिक अक्षमता का एक बड़ा उदाहरण बताया। पाटिल ने आगे आरोप लगाया कि न केवल मानदेय, बल्कि केंद्र प्रायोजित अन्य योजनाएं जैसे ‘जल जीवन मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के लिए भी फंड जारी नहीं किया जा रहा है, जिससे महाराष्ट्र के विकास कार्य ठप पड़े हैं।
पाटिल ने मांग की है कि सरकार इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान दे और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का बकाया मानदेय तुरंत जारी करे, अन्यथा यह विरोध प्रदर्शन का रूप ले सकता है।