Maharashtra: भ्रष्टाचार में राजस्व विभाग नंबर-1, पुलिस दूसरा, ACB की रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Maharashtra ACB Report: ACB की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के मामलों में राजस्व व भूमि अभिलेख विभाग पहले स्थान पर, पुलिस दूसरे नंबर पर। कुल 155 अधिकारी रंगे हाथ पकड़े गए।
Maharashtra ACB Report: ACB की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के मामलों में राजस्व व भूमि अभिलेख विभाग पहले स्थान पर, पुलिस दूसरे नंबर पर। कुल 155 अधिकारी रंगे हाथ पकड़े गए।
एंटी करप्शन ब्यूरो (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Corruption Ranking Maharashtra: महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इस सप्ताह की शुरुआत में, एक दुर्लभ मामले में एक न्यायाधीश को रिश्वतखोरी के आरोप में नामजद किया है। लेकिन एसीची के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि राजस्व, भूमि अभिलेख, पंजीकरण और पुलिस विभाग रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारियों की सबसे बड़ी संख्या के साथ सूची में शीर्ष पर हैं।

पुलिस विभाग दूसरे स्थान पर रहा है। जहां 105 अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए है। इनमें से 99 तृतीय श्रेणी के अधिकारी हैं, जबकि चार प्रथम श्रेणी के अधिकारी हैं। पंचायत समिति तीसरे स्थान पर रही, जिसके 60 अधिकारी इस अवधि में रिश्वत लेते पकड़े गए है। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी चौथे स्थान पर रही, जिसके 41 अधिकारी कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए है।

155 अधिकारियों पर बिछाए जाल

गौरतलब है की, 1 जनवरी से 11 नवंबर तक के आंकड़ों के अनुसार राजस्व, भूमि अभिलेख और पंजीकरण विभागों के 155 अधिकारी एसीची द्वारा बिछाए गए, विभिन्न जाल में कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए है। इनमें से अधिकांश (136) अराजपत्रित मध्य-स्तरीय सरकारी कर्मचारी हैं। जो तृतीय श्रेणी के अधिकारी हैं, जबकि सात राजपत्रित प्रथम श्रेणी के अधिकारी हैं।

पैसे मांगने का मौका

एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर राजस्व, भूमि अभिलेख और पुलिस जैसे विभागों का बड़ी संख्या में लोगों के साथ लगातार संपर्क रहता है। इसलिए वे सूची में शीर्ष पर हैं। जबकि अन्य विभागों का संपर्क ठेकेदारों जैसे सीमित लोगों तक ही रहता है।

राजस्व, भूमि अभिलेख और पुलिस ये आम जनता से जुड़े विभाग हैं, और यहां अक्सर आम जनता का आना-जाना लगा रहता है। जिससे भ्रष्ट अधिकारियों को अपना काम करवाने के लिए पैसे मांगने का मौका मिल जाता है। लोगों में सतर्कता बढ़ गई है और वे दबाव में आने के बजाय, एसीबी से संपर्क करते हैं, जिसके बाद जाल बिछाए जाते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com