वर्धा के सेलू में तेंदुए का हमला, रेस्क्यू के दौरान दो लोग घायल, इलाज के दौरान मादा तेंदुए की मौत

Wardha Leopard Attack News: वर्धा के सेलू में रेस्क्यू के दौरान तेंदुए के हमले में दो सदस्य घायल, जांबाज टीम ने तेंदुए को दबोचा, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार।
Two members were injured in a leopard attack during a rescue operation in Selu, Wardha. The brave team captured the leopard, but it died during treatment. The post-mortem report is awaited.
Wardha Leopard Attack (फोटो-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Wildlife Rescue Team: वर्धा के सेलू शहर के समीप तेंदुए के खुलेआम विचरण की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और पीपल फॉर एनिमल्स के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था, तभी अचानक तेंदुए ने बचाव दल पर हमला कर दिया। इस घटना में रेस्क्यू टीम के प्रमुख कौस्तुभ गावंडे और शुभम बोबडे घायल हो गए। बाद में तेंदुए को पकड़ लिया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

तेंदुए की मृत्यु को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। बताया गया कि तेंदुआ लगभग नौ माह की मादा थी सेलू शहर से लगे बुटीबोरी-तुलजापुर राजमार्ग के पास विद्याभारती कॉलेज क्षेत्र में मक्का के खेत में एक घायल तेंदुए के छिपे होने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया था। मानव-वन्यजीव संघर्ष टालने के उद्देश्य से वन विभाग, पुलिस और पीपल फॉर एनिमल्स की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। तेंदुआ झाड़ियों का सहारा लेकर धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ने लगा।

रात करीब 8.30 बजे जब उसे जाल डालकर पकड़ने का प्रयास किया गया, तब वह जाल से निकलकर शुभम बोबडे पर झपट पड़ा। हमले में बोबडे के हाथ और सीने पर गंभीर चोटें आईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम लीडर कौस्तुभगावंडे ने तेंदुए का रास्ता रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान तेंदुए ने उन पर भी हमला कर दिया।

कठिन परिस्थितियों में गावंडे ने साहस का परिचय देते हुए तेंदुए को पकड़कर जमीन पर दबोच लिया। अन्य टीम सदस्यों ने तुरंत जाल डालकर तेंदुए को काबू में किया। लगभग 15 मिनट की मशक्कत के बाद तेंदुए को पकड़ लिया गया। हमले में गावंडे की दोनों जांघों, कलाई पर गंभीर चोटें आईं। दोनों घायलों को पहले सेलू के अस्पताल और बाद में वर्धा के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उपचार के दौरान तेंदुए की हुई मौत

रेस्क्यू के बाद तेंदुए को पिपरी मेघे स्थित करुणाश्रम में उपचार के लिए भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। गुरुवार को नियमानुसार पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम निपटान कर दिया गया। वन विभाग के अनुसार, मृत्यु का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि तेंदुआ शहर में प्रवेश कर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। टीम प्रमुख कौस्तुभ गावंडे की सतर्कता और साहस से संभावित खतरा टल गया।

मामले में चल रही जांच-पड़ताल

वनपरिक्षेत्र अधिकारी मीनल तुरखेड़े ने बताया कि आवश्यक सावधानियों के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया गया और तेंदुए को तुरंत चिकित्सकीय सहायता दी गई, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु का कारण स्पष्ट होगा। आगे की जांच की जा रही है।

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