
एसीबी की बड़ी कार्रवाई (फाइल फोटो)
Big Action By ACB: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जंग में भंडारा भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग ने वर्ष 2025 के पहले 10 महीनों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच विभाग ने कुल आठ सफल जाल (ट्रैप) बिछाए हैं।
इनमें से सात कार्रवाई भंडारा जिले में और एक कार्रवाई पड़ोसी गोंदिया जिले में की गई। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हुआ है कि भ्रष्टाचार की प्रवृत्ति अब भी स्थानीय स्तर पर, विशेष रूप से कनिष्ठ वर्ग (वर्ग 3) के कर्मचारियों में अधिक है।
एसीबी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन आठ जालों में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 2,23,000 की नकद राशि जब्त की गई है। कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों के वर्गवार विश्लेषण में सामने आया है कि वर्ग 3 (तृतीय श्रेणी) के 7 अधिकारी सर्वाधिक फंसे हैं।
इसके अलावा, वर्ग 2 का एक अधिकारी और दो लोकसेवक (जनप्रतिनिधि) शामिल हैं। विशेष बात यह है कि वर्ग 1 अधिकारी किसी भी मामले में शामिल नहीं पाया गया। विभाग का मानना है कि तृतीय श्रेणी कर्मचारी सीधे जनता के संपर्क में रहते हैं, इसलिए दैनिक व्यवहार में भ्रष्टाचार के अधिक मामले इसी स्तर पर देखे जाते हैं।
जब्त रकम के अनुसार, कृषि उत्पन्न बाजार समिति के मामले में ₹1,50,000 रुपये की जब्ती सबसे अधिक रही। यह कुल जब्त रकम का दो-तिहाई हिस्सा है, जो स्थानीय बाजार व्यवस्था में भ्रष्टाचार की गंभीरता को दर्शाता है।
विभाग के अनुसार, जाल (ट्रैप) कार्रवाई के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. शिकायतकर्ता और साक्ष्यों की सुरक्षा बनाए रखना, कानूनी मंजूरी और समन्वय की प्रक्रिया पूरी करना, गवाहों की सुरक्षा, सीमित मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग आदि है।
विभाग द्वारा दूरध्वनी क्रमांक और जनजागरण अभियानों के माध्यम से संदेश दिया जा रहा है कि “लाच देना और लेना, दोनों अपराध हैं। भ्रष्टाचार का जाल तोड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर मॉनिटरिंग, त्वरित शिकायत पंजीकरण और पारदर्शक व्यवस्था पर बल दिया जा रहा है। नागरिकों की भागीदारी से जागरूकता और व्यापक करने का लक्ष्य रखा गया है।
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भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग भंडारा के उप अधीक्षक अरुण लोहार ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए विभाग ने टोल-फ्री नंबर 1064 नागरिकों के लिए जारी किया है। भंडारा जिले में पिछले दस महीनों में हुई यह कार्रवाइयां सकारात्मक हैं, परंतु भ्रष्टाचार पर पूर्ण विराम लगाने के लिए निरंतर कार्रवाई और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।






