Kandivali Gas Cylinder Theft प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
LPG Cylinder Theft: मुंबई के कांदिवली पश्चिम में एलपीजी सिलेंडरों की एक अनोखी और बड़ी चोरी ने न केवल पुलिस को हैरान कर दिया है, बल्कि सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। चारकोप इलाके में खड़ी एक डिलीवरी टेम्पो से रातों-रात 27 गैस सिलेंडर गायब हो गए। यह घटना महज एक चोरी नहीं, बल्कि अपराधियों की सुनियोजित साजिश का हिस्सा लग रही है, क्योंकि भारी-भरकम सिलेंडरों को इतनी खामोशी से चुराना किसी आम पॉकेटमार के बस की बात नहीं है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि एक सिलेंडर का वजन करीब 15-16 किलो (खाली) और 30 किलो (भरा हुआ) होता है, ऐसे में 27 सिलेंडरों को उठाना और गायब कर देना किसी ‘बटुए’ की चोरी जैसा आसान काम नहीं है। इस घटना ने मुंबई में गैस आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना 25 और 26 मार्च 2026 की दरमियानी रात को हुई। शिकायतकर्ता नंदकुमार सोनी, जो ‘श्रीजी गैस सर्विस’ में डिलीवरी एजेंट हैं, ने अपनी टेम्पो चारकोप के एक अपेक्षाकृत सुनसान इलाके में पार्क की थी। अगली सुबह जब वे काम पर लौटे, तो वाहन की खिड़की का शीशा टूटा हुआ था और पीछे का ताला क्षतिग्रस्त था। टेम्पो के अंदर रखे 22 खाली और 5 भरे हुए सिलेंडर गायब थे। आरोपियों ने बड़ी सफाई से कुल 27 सिलेंडरों पर हाथ साफ किया, जिनकी कुल कीमत लगभग 15,500 रुपये आंकी गई है।
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इंटरनेट पर लोग इस चोरी के ‘लॉजिस्टिक’ को लेकर चर्चा कर रहे हैं। यूजर्स का तर्क है कि 27 सिलेंडरों का कुल वजन 400 किलो से भी अधिक होगा। इसे बिना किसी दूसरे वाहन (जैसे ट्रक या पिकअप वैन) के अंजाम देना नामुमकिन है। चर्चा इस बात पर भी है कि क्या अपराधियों ने पहले से रेकी की थी?
तर्क 1: अपराधियों के पास अपना वाहन रहा होगा जिसे टेम्पो के ठीक बगल में पार्क किया गया होगा।
तर्क 2: इसमें एक से अधिक लोग शामिल रहे होंगे, जिन्होंने ‘चेन सिस्टम’ बनाकर सिलेंडरों को तेजी से शिफ्ट किया।
तर्क 3: यह किसी अवैध गैस रीफिलिंग रैकेट का काम हो सकता है जो खाली सिलेंडरों की तलाश में रहते हैं।
चारकोप पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की कई टीमें इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं, जिसमें कुछ संदिग्ध वाहन नजर आए हैं। जांचकर्ता इस संभावना की भी पड़ताल कर रहे हैं कि इन सिलेंडरों को कबाड़ बाजार या ब्लैक मार्केट में छोटे विक्रेताओं को बेचने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि वित्तीय नुकसान कम दिख रहा है, लेकिन ज्वलनशील पदार्थ की इस तरह की असुरक्षित चोरी से बड़े सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकते हैं।