नीदरलैंड में ढोल ताशा की थाप पर PM नरेंद्र मोदी का मराठा स्टाइल स्वागत, प्रवासी भारतीयों ने जमाया रंग
Dhol Tasha In Netherlands: प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड में ढोल-ताशा और मराठा स्टाइल में भव्य स्वागत। देखें कैसे सात समंदर पार गूंजी महाराष्ट्र की संस्कृति और गौरव की थाप।
- Written By: गोरक्ष पोफली
ढोल ताशा पथक व PM मोदी (सोर्स: सोशल मीडिया)
PM Modi Netherlands Visit: जब भारतीय संस्कृति अपनी सीमाओं को लांघकर वैश्विक मंच पर थिरकती है, तो वह दृश्य न केवल विहंगम होता है, बल्कि हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर देता है। कुछ ऐसा ही नजारा नीदरलैंड की धरती पर देखने को मिला, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किसी औपचारिक प्रोटोकॉल से कहीं ऊपर उठकर, पूरी तरह से महाराष्ट्रियन स्टाइल में किया गया। नीदरलैंड पहुंचने पर पीएम मोदी का स्वागत वहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने ढोल-ताशा के उन गूंजते हुए सुरों के साथ किया, जो सीधे तौर पर महाराष्ट्र की वीर धरा की याद दिलाते हैं।
महाराष्ट्र की संस्कृति का वैश्विक डंका
महाराष्ट्र की संस्कृति में ढोल-ताशा केवल वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि अस्मिता और ऊर्जा का प्रतीक है। छत्रपति शिवाजी महाराज के काल से शुरू हुई यह परंपरा आज भी गणेशोत्सव और शिवजयंती जैसे त्योहारों की जान है। नीदरलैंड में जिस उत्साह के साथ प्रवासी भारतीयों ने साफा बांधकर और पारंपरिक वेशभूषा धारण कर ढोल बजाए, उसने नीदरलैंड को कुछ समय के लिए पुणे या मुंबई के चौक में बदल दिया।
The glorious culture of Maharashtra came alive at the community programme in the Netherlands. Truly, a memorable celebration of Maharashtra’s traditions which are getting popular worldwide. pic.twitter.com/fmDdGtd10Z — Narendra Modi (@narendramodi) May 16, 2026
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पीएम मोदी और मराठी संस्कृति का जुड़ाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर वैश्विक मंचों पर भारत की क्षेत्रीय संस्कृतियों को बढ़ावा देते नजर आते हैं। जब उन्होंने नीदरलैंड में ढोल-ताशा पथक को देखा, तो उनके चेहरे की मुस्कान और कलाकारों का उत्साह देखने लायक था। कलाकारों ने जिस लयबद्ध तरीके से ताशा बजाया और ढोल की गर्जना की, उसने विदेशी नागरिकों को भी रुकने और इस ऊर्जा को महसूस करने पर मजबूर कर दिया। यह घटना दर्शाती है कि महाराष्ट्र की कला और संस्कृति केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि सात समंदर पार भी अपनी जड़ें मजबूत कर चुकी है।
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प्रवासी भारतीयों का अनूठा प्रेम
नीदरलैंड में रहने वाले मराठी समुदाय ने इस स्वागत के लिए हफ्तों पहले से तैयारी की थी। ढोल-ताशा पथक के सदस्यों ने बताया कि वे अपनी मिट्टी से दूर जरूर हैं, लेकिन अपनी संस्कृति को हमेशा अपने साथ रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत इस तरह से करना उनके लिए गर्व का विषय था। इस स्वागत समारोह ने न केवल भारत-नीदरलैंड के रिश्तों की गर्माहट को दिखाया, बल्कि सॉफ्ट पावर के रूप में भारतीय लोक कला की ताकत को भी पेश किया।
